Rajasthan: जेल में हुआ प्यार, अब शादी के लिए मिली पैरोल; जानें कौन हैं उम्रकैद की सजा काट रहे प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद
राजस्थान में दो अलग-अलग हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों, प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद ने शादी रचा ली है. राजस्थान हाई कोर्ट के निर्देश पर दोनों को विवाह के लिए 15 दिन की पैरोल दी गई थी.
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जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में एक बेहद दुर्लभ और अनोखा मामला सामने आया है, जहां हत्या के मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदियों ने पैरोल (Parole) पर बाहर आकर शादी रचाई है. सजा काटने के दौरान एक-दूसरे के प्यार में पड़े प्रिया सेठ (उर्फ नेहा सेठ) (Neha Seth) और हनुमान प्रसाद (Hanuman Prasad) ने गुरुवार को अलवर जिले के बड़ौदा मेव इलाके में विवाह किया. राजस्थान हाई कोर्ट (Rajasthan High Court) के हस्तक्षेप के बाद जिला पैरोल सलाहकार समिति ने दोनों को 15-15 दिन की पैरोल मंजूर की थी, ताकि वे वैवाहिक बंधन में बंध सकें. यह भी पढ़ें: कौन है अंशिका सिंह? गोरखपुर में बर्थडे पार्टी में फायरिंग के बाद हुई गिरफ्तारी; ब्लैकमेलिंग और फिरौती के बड़े रैकेट का खुलासा
जेल में शुरू हुई प्रेम कहानी
प्रिया सेठ वर्तमान में जयपुर की एक खुली जेल (Open Prison) में बंद है। जेल में रहने के दौरान ही उसकी मुलाकात हनुमान प्रसाद से हुई, जो एक अन्य हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई जो समय के साथ प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने शादी करने का निर्णय लिया और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से पैरोल की गुहार लगाई।
कौन है प्रिया सेठ? (दुष्यंत शर्मा हत्याकांड)
प्रिया सेठ का नाम साल 2018 में जयपुर के चर्चित दुष्यंत शर्मा हत्याकांड में प्रमुख आरोपी के रूप में सामने आया था. मूल रूप से पाली जिले के फालना की रहने वाली प्रिया एक शिक्षित और मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती थी. हालांकि, कर्ज चुकाने और विलासितापूर्ण जीवन जीने की चाहत में वह अपराध की दुनिया में उतर गई.
क्या था वह खौफनाक हत्याकांड?
दुष्यंत शर्मा हत्याकांड ने अपनी क्रूरता के कारण पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था:
- हनीट्रैप और अपहरण: प्रिया ने एक डेटिंग ऐप के जरिए झोटवाड़ा निवासी दुष्यंत शर्मा को अपने जाल में फंसाया और उसे बजाज नगर स्थित अपने फ्लैट पर बुलाया.
- फिरौती: वहां प्रिया ने अपने तत्कालीन बॉयफ्रेंड दीक्षांत कामरा और साथी लक्ष्य वालिया के साथ मिलकर दुष्यंत को बंधक बना लिया और उसके पिता से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी.
- नृशंस हत्या: पिता द्वारा 3 लाख रुपये देने के बावजूद, पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने दुष्यंत का गला घोंटकर हत्या कर दी.
- साक्ष्य मिटाना: आरोपियों ने शव को सूटकेस में भरकर आमेर की पहाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने बाद में तीनों को गिरफ्तार किया और कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई. यह भी पढ़ें: Bengaluru News: बेंगलुरु में अजीबो‑गरीब मामला, घरों की छतों से महिलाओं के इनरवियर चुराने वाला रंगे हाथों गिरफ्तार
अदालत का फैसला और पैरोल
आमतौर पर जघन्य अपराधों के दोषियों को पैरोल मिलना कठिन होता है, लेकिन इस मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने मानवीय आधार और पुनर्वास की संभावनाओं को देखते हुए शादी के लिए पैरोल की अनुमति दी. हनुमान प्रसाद भी हत्या के एक मामले में सजायाफ्ता है. पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद, दोनों को वापस अपनी-अपनी जेलों में आत्मसमर्पण करना होगा.
यह घटना अब कानूनी और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है, जो जेल सुधार और कैदियों के व्यक्तिगत अधिकारों के बीच के संतुलन को दर्शाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 24, 2026 11:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

