रूपनगर, 3 सितंबर : पंजाब सरकार ने बाढ़ (Flood) के कारण बिगड़ी स्थिति को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी बढ़ाने का फैसला लिया है. पहले 3 सितंबर तक स्कूल बंद रखने की घोषणा की गई थी. इस समयसीमा को बढ़ाकर 7 सितंबर कर दिया है. पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस (Harjot Singh Bains) ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (Bhagwant Singh Mann) के निर्देशानुसार बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पंजाबभर के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक 7 सितंबर तक बंद रहेंगे. सभी से अनुरोध है कि वे स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें."
शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के खानपान समेत पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी कॉलेज और यूनिवर्सिटी की होगी. उन्होंने रूपनगर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पंजाब के कई जिले बाढ़ प्रभावित हैं. इस कारण पंजाब में सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेज 7 सितंबर तक बंद किए गए हैं. पंजाब के शिक्षा मंत्री बाढ़ से जूझ रहे पीड़ित लोगों को राहत कार्य जल्दी से जल्दी पहुंचाने के लिए खुद जमीन पर उतरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में यह सबसे बड़ी बाढ़ आपदा है. रावी, ब्यास और सतलुज नदी की मार पंजाब झेल रहा है. यह भी पढ़ें : India Germany: भारत-जर्मनी के बीच डिफेंस से लेकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा हुई; पीयूष गोयल
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि भाखड़ा डैम के पीछे बनी गोबिंद सागर झील का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. डैम का जलस्तर 1678.10 फीट तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 1680 फीट से मात्र दो फीट कम है. अलग-अलग स्रोतों से डैम में एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी आ रहा है, जिसके चलते बीबीएमबी ने 69,800 क्यूसेक पानी टरबाइनों और फ्लड गेटों के माध्यम से छोड़ा है. नंगल डैम से नंगल हाइडल नहर में 9,000 क्यूसेक, श्री आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 9,000 क्यूसेक, और सतलुज नदी में लगभग 52,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. शिक्षा मंत्री ने पंजाब की जनता से अफवाहों से बचने की अपील की है.













QuickLY