High-Speed Train Update: हाई-स्पीड ट्रेन को लेकर बड़ा अपडेट, पुणे की Daund-Kashti रेल लाइन पर 25 जनवरी को ट्रायल, रेलवे ने जारी की सुरक्षा चेतावनी
मध्य रेलवे के पुणे मंडल द्वारा 25 जनवरी 2026 को दौंड-काष्टी रेल खंड पर हाई-स्पीड इंजन ट्रायल और सुरक्षा निरीक्षण किया जाएगा. रेलवे ने इस दौरान स्थानीय निवासियों और पशुपालकों के लिए सुरक्षा संबंधी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं
High-Speed Train Update: मध्य रेलवे का पुणे मंडल बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है. दौंड और काष्टी के बीच नवनिर्मित रेल खंड पर आगामी 25 जनवरी 2026 को हाई-स्पीड इंजन ट्रायल और रेल सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा अनिवार्य निरीक्षण किया जाएगा. इस दौरान पटरियों पर ट्रेन की रफ्तार काफी अधिक होगी, जिसे देखते हुए रेलवे प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए हैं और नागरिकों को अलर्ट रहने को कहा है.
सुबह 8:15 से शाम 4:00 बजे तक चलेगा ट्रायल
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह हाई-स्पीड ट्रायल रविवार, 25 जनवरी को सुबह 08:15 बजे शुरू होकर शाम 16:00 बजे तक चलेगा. यह परीक्षण किसी भी नए रेलवे सेक्शन को सार्वजनिक उपयोग के लिए शुरू करने से पहले की जाने वाली एक मानक सुरक्षा और तकनीकी प्रक्रिया है. सीआरएस (CRS) इस दौरान ट्रैक की मजबूती, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच करेंगे ताकि यात्री ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दी जा सके. यह भी पढ़े: वाराणसी के 80 गांवों से गुजरेगी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन, जमीन सर्वे का काम पूरा, यहां देखें पूरी लिस्ट
ग्रामीणों और पशुपालकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश
ट्रेन की उच्च गति को देखते हुए, पुणे मंडल ने रूट के आसपास स्थित गांवों, किसानों और पशुपालकों के लिए एक आधिकारिक अपील जारी की है. रेलवे ने ग्राम पंचायतों और सरपंचों के माध्यम से स्थानीय लोगों को सूचित किया है कि वे ट्रायल की अवधि के दौरान रेलवे ट्रैक के पास न जाएं. प्रशासन ने निम्नलिखित सुरक्षा सावधानियां बरतने के निर्देश दिए हैं:
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अनधिकृत प्रवेश वर्जित: पटरियों के आसपास या उसके ऊपर से गुजरना पूरी तरह वर्जित रहेगा.
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पशुओं की सुरक्षा: पशुपालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने मवेशियों को पटरियों के पास न भटकने दें.
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दूरी बनाए रखें: दुर्घटना से बचने के लिए लोगों को पूरे दिन रेलवे लाइन से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है.
जागरूकता अभियान
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि हाई-स्पीड ट्रायल के बारे में जानकारी समाचार पत्रों और स्थानीय संचार माध्यमों के जरिए प्रसारित की जा रही है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निवासियों और स्थानीय प्रतिनिधियों को पहले से सूचित कर किसी भी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके.
दौंड-काष्टी खंड मध्य रेलवे के पुणे मंडल के अंतर्गत आता है और यह इस क्षेत्र में चल रहे रेलवे बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों का एक अहम हिस्सा है. इस सफल परीक्षण के बाद, इस रूट पर नियमित यात्री और मालगाड़ियों के परिचालन का रास्ता साफ हो जाएगा, जिससे स्थानीय परिवहन और व्यापार को गति मिलेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 22, 2026 05:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

