Pune Civic Polls 2026: पुणे निकाय चुनाव के लिए एक हुए अजित पवार और सुप्रिया सुले; साझा घोषणापत्र जारी कर दिया 'एकता' का संदेश

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव के लिए एनसीपी (NCP) के दोनों गुटों ने हाथ मिला लिया है. शनिवार को अजित पवार और सुप्रिया सुले ने एक साथ मंच साझा करते हुए पुणे के विकास के लिए 'साझा घोषणापत्र' जारी किया.

सुप्रिया सुले औरअजीत पवार (Photo Credits: X/@AjitPawarSpeaks)

पुणे: महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक पल तब आया जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के दोनों गुटों के दिग्गज नेता, अजित पवार (Ajit Pawar) और सुप्रिया सुले (Supriya Sule), जून 2023 के विभाजन के बाद पहली बार एक ही मंच पर नजर आए. आगामी पुणे (PMC) और पिंपरी-चिंचवड (PCMC) नगर निगम चुनावों के लिए दोनों गुटों ने ‘पुणे के लिए युद्धविराम’ (Truce for Pune) का संकेत देते हुए एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया है.

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि शहर के विकास के लिए ‘परिवार के भीतर के मतभेदों को सुलझा लिया गया है.’ वहीं, सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन फिलहाल केवल इन स्थानीय निकाय चुनावों तक ही सीमित है. यह भी पढ़ें: Maharashtra Municipal Corporation Elections 2026: बीजेपी के AIMIM और कांग्रेस के साथ गठबंधन पर शिवसेना (UBT) का तीखा प्रहार, सामना में लिखा- ‘यह पाखंड का शर्मनाक प्रदर्शन’

वोटों के बिखराव को रोकना है मुख्य लक्ष्य

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवार परिवार के इस पारंपरिक गढ़ में दोनों गुटों के एक साथ आने का मुख्य उद्देश्य भाजपा (BJP) को रोकना है. नेताओं ने साझा मंच से कहा कि उनका प्राथमिक लक्ष्य उन वोटों के विभाजन को रोकना है जिसका सीधा लाभ विपक्षी दलों को मिल सकता था. यह गठबंधन पुणे और पिंपरी-चिंचवड की विकास यात्रा को नई गति देने का दावा कर रहा है.

अजित पवार, सुप्रिया सुले ने पुणे नगर निगम चुनाव के लिए संयुक्त घोषणापत्र किया जारी

घोषणापत्र की मुख्य बातें: पुणे के लिए नया विजन

साझा घोषणापत्र में बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और शहरी यातायात पर विशेष ध्यान दिया गया है:

महिला सशक्तिकरण और 'जीरो-टच' गवर्नेंस

घोषणापत्र में महिलाओं और छात्रों के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं की गई हैं:

कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा संदेश

भले ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर दोनों गुट अलग-अलग गठबंधन का हिस्सा हों, लेकिन पुणे की जमीन पर भाई-बहन का एक साथ आना कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक संदेश है. एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने कहा, ‘यह फैसला पुणे के हित में लिया गया है। भले ही हमारे रास्ते अलग हों, लेकिन अपने घरेलू मैदान के लिए हम एक हैं.’

हालांकि, इस गठबंधन को लेकर स्थानीय स्तर पर कुछ शुरुआती विरोध भी देखा गया था, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने शहर की सत्ता में वापसी के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ने का फैसला किया है.

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