भारतीय सेना का 31 सालों का इंतजार होगा खत्म, PM मोदी शुक्रवार को देंगे यह बड़ी सौगात
वह सौगात कुछ इस तरह से है. आर्टीलरी की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए भारतीय सेना को 3- एम-777 अल्ट्रालाइट होवित्जर तोप और 3 बख्तरबंद तोप के-नौ वज्र बख्तरबंद तोप, 9 नवंबर सोमवार को भारतीय सेना को सौंप दी जाएंगी.
नई दिल्ली: देश के सेना के जवानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. पीएम मोदी शुक्रवार को भारतीय सेना को एक बड़ी सौगात देने जा रहें है. वह सौगात कुछ इस तरह से है. आर्टीलरी की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए भारतीय सेना को 3- एम-777 अल्ट्रालाइट होवित्जर तोप और 3 बख्तरबंद तोप के-नौ वज्र बख्तरबंद तोप, 9 नवंबर सोमवार को भारतीय सेना को सौंप दी जाएंगी. भारतीय सेना को इन तोपों के मिलने के बाद ऐसा कहां जा रहा है कि इससे सेना के जवानों की ताकत बढ़ जाएंगी.
पीएम मोदी द्वारा यह सौगात भारतीय सेना को शुक्रवार को महाराष्ट्र के नासिक स्थित देवलाली में होने वाले एक समारोह के आयोजन के दौरान दिया जाने वाला है. इस कार्यकर्म में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत भी मौजूद रहेंगे. बता दें कि बोफोर्स के बाद 31 साल बाद इस तरह की पहली तोप सेना को मिलने जा रही है. यह तोप के-नौ बज्र को साउथ कोरिया की कंपनी हनवहा टेक विन ने मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया गया है. भारत में इस बख्तरबंद तोप का निर्माण एलएंडटी करेगी. यह साल 2020 तक 100 के-9 वज्र आर्टीलरी तोप भारतीय सेना के पास होंगी. यह भी पढ़े: पीएम मोदी पहुंचे देहरादून, भारत-चीन बॉर्डर पर सेना के जवानों के साथ मनाएंगे दिवाली
भारतीय सेना को मिलने वाले इस तोप के बारे में जो जानकारी मिल पाई है. उसके मुताबिक इसमें कुल 4500 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के तहत सेना को दस तैयार तोपें मिलेंगी, वहीं 90 तोपों का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत होगा. यह तोप 3 सेकेंड में तीन गोले दागने में झमता रखती है. यह तोप न्यूक्लियर वारफेयर केमिकल से निपटने के लिए सीबीआरएन तकनीक से लैस है.
बख्तरबंद तोप 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से दौड़ सकती है
भारतीय सेना की ताकत बढ़ाने के लिए मोदी सरकार द्वारा जो तोपें दी जाने वाली है उसमें बख्तरबंद तोप 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से दौड़ सकती है. यह तोप रेगिस्तानी इलाकों में भी चल सकती है. इसका मतलब हुआ कि भारतीय सेना को मिलने वाली यह तोप दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए भारत पाक की राजस्थान और पंजाब सीमा पर बहुत प्रभावी होगी. यह भी पढ़े: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांचवीं बार भी सेना के जवानों के साथ मना सकते हैं दिवाली
इस तोप की इतनी है मारक क्षमता
के-नौ वज्र बख्तरबंद की खासियत यह है कि अचूक 39 किमी. तक दुश्मन को मिटाने की काबिलियत रखती है. इस तोप का कैलिबर 155 एमएम का है. इसका गोला जहां भी गिरेगा वहां 50 मीटर तक तबाही मचा देगा. दुश्मन चाह कर भी इसके सामने नहीं टिक सकतें है. यह तोप दिन और रात में कभी भी फायर करने में सक्षम है. इस तोप को चलाने के लिए इसके अंदर पांच जवान होते हैं.
पीएम मोदी का दूसरा बड़ा गिफ्ट होवित्जर तोप
पीएम मोदी की तरह से भारतीय सेना को जो सबसे बड़ा गिफ्ट दिया जाने वाला है. वह है एम- 777 अल्ट्रालाइट होवित्जर तोप है. यह प्रोजेक्ट पांच हजार करोड़ रुपये का है. भारतीय सेना की आर्टीलरी रेजीमेंट में वर्ष 2021 तक कुल 145 एम-777 अल्ट्रालाइट होवित्जर शामिल होंगी. इस तोप के वजन की बात करें तो इसका वजन केवल 4.2 टन है. इसलिए यथ तोप चीनूक हेलीकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट विमान से हाई एल्टीटयूट और दूसरी एरिया में तैनात किया जा सकता है. बता दें कि कारगिल युद्ध के बाद सबसे ज्यादा कमी हाई एल्टीट्यूट वारफेयर की थी. इस तोप की खासियत यह है कि यह तोप 31 किमी. तक 1मिनट में 4 राउंड फायर कर सकता है. इसका गोला 45 किलो का है. यह 155/39 एमएम की तोप है. इस तोप को चलने के लिए 8 जवान तैनात होंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 08, 2018 04:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

