राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का वृंदावन दौरा: संत प्रेमानंद महाराज से करेंगी मुलाकात, राम मंदिर में 'श्री राम यंत्र' की स्थापना के बाद अब मथुरा में भक्तिमय कार्यक्रम
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दौरे के तहत आज वृंदावन में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से भेंट करेंगी. इससे पहले उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर 'श्री राम यंत्र' स्थापित कर मंदिर निर्माण की पूर्णता का मार्ग प्रशस्त किया.
मथुरा/वृंदावन: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) अपने तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश प्रवास (Three-Day Visit to Uttar Pradesh) के दूसरे दिन आज धर्मनगरी वृंदावन (Vrindavan) में होंगी. आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति शुक्रवार को श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम (Shri Hit Radha Keli Kunj Ashram) में सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज (Saint Premanand Maharaj) से मुलाकात करेंगी और उनका आशीर्वाद लेंगी. आध्यात्मिक संवाद के बाद, वे प्रसिद्ध नीम करोली बाबा (Neem Karoli Baba) के स्मारक पर भी श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगी. शाम को वे रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम (Ramakrishna Mission Sevashram) में एक नए ऑन्कोलॉजी ब्लॉक (कैंसर उपचार केंद्र) का उद्घाटन करेंगी, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूती मिलेगी. यह भी पढ़ें: Happy Holi 2026: रंगों में रंगा देश, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और PM मोदी ने देशवासियों को दी होली की बधाई
अयोध्या में 'श्री राम यंत्र' की स्थापना: निर्माण हुआ पूर्ण
इससे पहले गुरुवार को राष्ट्रपति ने अयोध्या में एक ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किया. उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के दूसरे और अंतिम तल पर 'श्री राम यंत्र' की स्थापना की. दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के विद्वानों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न इस अनुष्ठान को मंदिर निर्माण की पूर्णता का प्रतीक माना जा रहा है. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे.
मथुरा में भक्तिमय स्वागत और इस्कॉन दर्शन
अयोध्या से प्रस्थान कर राष्ट्रपति गुरुवार शाम मथुरा पहुंचीं, जहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने उनकी अगवानी की. राष्ट्रपति ने इस्कॉन (ISKCON) मंदिर में दर्शन किए और शाम की भव्य आरती में भाग लिया. उन्होंने इस्कॉन के संस्थापक एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और गौर निताई, कृष्ण बलराम व श्याम सुंदर विग्रहों के सम्मुख प्रार्थना की.
वात्सल्य ग्राम और गोवर्धन परिक्रमा
वृंदावन प्रवास के दौरान राष्ट्रपति साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित 'वात्सल्य ग्राम' भी जाएंगी, जो अनाथ बच्चों और बुजुर्गों की सेवा के लिए जाना जाता है. उनके दौरे का समापन 21 मार्च को गोवर्धन में होगा. वहां वे दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद प्रसिद्ध सात कोस की गोवर्धन परिक्रमा करेंगी, जिसके पश्चात वे नई दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगी.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं. प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात हैं. राष्ट्रपति की इस यात्रा को आध्यात्मिक और सामाजिक, दोनों दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.