Polling Day Holiday: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, दिहाड़ी मजदूरों सहित सभी कर्मचारियों को मिलेगा सवैतनिक अवकाश
भारत निर्वाचन आयोग (Photo Credits: @airnewsalerts)

Polling Day Holiday: भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) (ECI) ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) और उपचुनावों (By-Elections) के दौरान मतदान के दिन सभी कर्मचारियों के लिए 'पेड लीव' (Paid Leave)(सवैतनिक अवकाश) की घोषणा की है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान (Voting) के अधिकार का उपयोग करने के लिए सभी व्यावसायिक, औद्योगिक और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों, जिनमें दिहाड़ी और आकस्मिक मजदूर (Casual Workers) भी शामिल हैं, को उस दिन की पूरी छुट्टी दी जाएगी और उनके वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी. यह भी पढ़ें: Assembly Elections 2026: वोटिंग से 48 घंटे पहले ओपिनियन पोल पर रोक, चुनाव आयोग ने जारी किए सख्त निर्देश

कानूनी प्रावधान और आयोग का सख्त रुख

चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 135B का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति जो किसी भी व्यवसाय, व्यापार या औद्योगिक उपक्रम में कार्यरत है और मतदान करने का पात्र है, उसे सवैतनिक अवकाश दिया जाना अनिवार्य है.

आयोग ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा, 'इन प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले किसी भी नियोक्ता (Employer) पर जुर्माना लगाया जाएगा. मतदान के दिन छुट्टी के बदले वेतन से किसी भी प्रकार की कटौती करना कानूनन अपराध माना जाएगा.'

किन राज्यों और क्षेत्रों पर लागू होगा आदेश?

यह घोषणा मुख्य रूप से उन राज्यों के लिए है जहाँ इस महीने विधानसभा चुनाव या उपचुनाव होने वाले हैं:

  • 9 अप्रैल: असम, केरल, पुडुचेरी, गोवा, कर्नाटक, नगालैंड और त्रिपुरा.
  • 23 अप्रैल: तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र.
  • 23 और 29 अप्रैल: पश्चिम बंगाल (दो चरणों में).

इसके अलावा, छह राज्यों (गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नगालैंड और त्रिपुरा) की आठ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों पर भी यह नियम प्रभावी होगा. यह भी पढ़ें: Assembly Elections 2026 Date: असम, पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान, जानें कब आएंगे नतीजे

बाहर काम करने वाले मतदाताओं को भी राहत

आयोग ने उन मतदाताओं के लिए भी स्थिति स्पष्ट की है जो अपनी चुनावी निर्वाचन क्षेत्र से बाहर किसी औद्योगिक या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में काम करते हैं. यदि कोई कर्मचारी किसी ऐसे निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत है जहाँ चुनाव हो रहा है, तो वह भी उस दिन सवैतनिक अवकाश का हकदार होगा, भले ही उसका कार्यस्थल उस निर्वाचन क्षेत्र से बाहर ही क्यों न हो.

अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश

ECI ने सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि सभी मतदाता बिना किसी असुविधा या आर्थिक नुकसान के डर के अपने मताधिकार का प्रयोग स्वतंत्र रूप से कर सकें.

उल्लेखनीय है कि इन सभी विधानसभा और उपचुनावों के परिणाम 4 मई, 2026 को घोषित किए जाएंगे. इस कदम का उद्देश्य मतदान प्रतिशत को बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित करना है.