लोकसभा में महाभारत! संसद में आज पेश होगा वक्फ बिल, सत्ता बनाम विपक्ष के सियासी दंगल में कौन मारेगा बाजी?

सवाल सिर्फ वक्फ (संशोधन) विधेयक पास होने का नहीं, सवाल सियासी दबदबे का भी है. क्या NDA एक और 'बड़ा सिक्सर' लगाएगी, या विपक्ष इस बार 'कैच' लपक लेगा?

Waqf (Amendment) Bill, 2024: भारतीय राजनीति की पिच पर आज फिर एक बड़ा मुकाबला होने जा रहा है. लोकसभा में आज वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश होगा और सियासी बॉलिंग- बैटिंग का जबरदस्त खेल शुरू होगा. बीजेपी ने अपनी पिच तैयार कर दी है, एनडीए के सभी दल लामबंद हो चुके हैं और विपक्ष भी पूरी तैयारी में है. व्हिप जारी हो चुके हैं, नेताओं की रणनीतियां भी तैयार हैं. अब देखना यह होगा कि यह बिल पास होकर सरकार के खाते में ‘सिक्सर’ जाएगा या विपक्ष आखिरी ओवर में कोई बड़ा 'कैच' लपक लेगा.

सत्ता बनाम विपक्ष: राजनीतिक अखाड़े में बड़ी जंग

विपक्ष ने भी साफ कर दिया है कि इस विधेयक पर तीखी बहस होगी और वोटिंग में सरकार को घेरने की पूरी कोशिश की जाएगी. इंडिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस, आरजेडी, शिवसेना (यूबीटी) समेत कई दल खुलकर बिल के विरोध में उतर चुके हैं. वहीं, एनडीए ने अपने सभी सांसदों को संसद में मौजूद रहने के लिए सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं. खास बात यह है कि विपक्ष के मुस्लिम नेता भी इस मुद्दे पर बंटे हुए नजर आ रहे हैं.

सत्ता पक्ष का मास्टर प्लान: विपक्ष के तगड़े बाउंसर का कैसे देंगे जवाब?

बीजेपी ने विपक्ष की बॉलिंग को चकमा देने के लिए रणनीतिक चालें चली हैं. सरकार ने अपने सहयोगी दलों के सुझावों को विधेयक में शामिल किया है, ताकि अंदरूनी मतभेदों को रोका जा सके. लोकसभा में चर्चा दोपहर 12 बजे से शुरू होगी और इसके लिए कुल 8 घंटे का समय तय किया गया है.

बीजेपी की तरफ से जगदंबिका पाल, अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे, अभिजीत गंगोपाध्याय, कमलजीत सहरावत, तेजस्वी सूर्या और रविशंकर प्रसाद जैसे दिग्गज नेता मोर्चा संभालेंगे.

एनडीए के पास संख्याबल, लेकिन टीडीपी-जेडीयू का क्या स्टैंड?

लोकसभा में कुल 542 सदस्य हैं, जिनमें से 293 सांसद एनडीए के पास हैं. बीजेपी के पास संख्याबल तो है, लेकिन सहयोगी दलों का समर्थन भी उतना ही जरूरी है. टीडीपी, जेडीयू, HAM और एलजेपी (R) ने विधेयक के समर्थन में व्हिप जारी किया है. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, कुछ सहयोगी दल बिल में बदलाव की मांग कर रहे हैं. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि वे समर्थन करते हैं या आखिरी मौके पर कोई नया पैंतरा आजमाते हैं.

राज्यसभा में भी सत्ता पक्ष मजबूत, लेकिन विपक्ष का ट्रंप कार्ड?

राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं, जिनमें से 125 सांसद एनडीए के पास हैं. 9 सीटें खाली हैं, यानी बहुमत के लिए 118 सांसदों का समर्थन जरूरी है. इस लिहाज से भी एनडीए मजबूत स्थिति में है, लेकिन विपक्ष की चालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

सोनिया-राहुल की अगुवाई में विपक्ष का प्लान

बुधवार सुबह 9:30 बजे राहुल गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस संसदीय दल की बैठक होगी. 3 अप्रैल को सुबह 9:30 बजे सोनिया गांधी की अगुवाई में पूरी रणनीति तय की जाएगी. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि विपक्ष इस बिल को पास नहीं होने देगा.

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने इसे संविधान के खिलाफ बताया है, जबकि शिवसेना (यूबीटी) की प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इसे अस्वीकार्य बताया है. आरजेडी ने भी विधेयक के खिलाफ मतदान करने की घोषणा कर दी है.

राजनीतिक समीकरण: बिल पास होगा या नहीं?

बिल के पास होने की संभावना काफी ज्यादा है, लेकिन विपक्ष इस बहस को लंबा खींचने की पूरी कोशिश करेगा. सरकार की रणनीति इसे जल्द से जल्द पारित कराने की है, ताकि कोई अप्रत्याशित चुनौती सामने न आए.

राजनीति के इस खेल में कौन जीतेगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बीजेपी यह सियासी मैच जीत पाएगी, या विपक्ष आखिरी ओवर में बाजी पलट देगा? विपक्ष के पास सरकार को रोकने के लिए आवाज बुलंद करने का हथियार है, लेकिन सरकार के पास संख्याबल का मजबूत आधार. ऐसे में संसद में आज घमासान तय है और यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन मारेगा सियासी चौका!

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