ट्रंप का एलान, रूस के नजदीक दो न्यूक्लियर सबमरीन तैनात
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

डॉनल्ड ट्रंप ने "रूस के नजदीक" दो न्यूक्लियर सबमरीन तैनात किए हैं. अपनी चिर-परिचित शैली में उन्होंने सोशल मीडिया पर यह एलान किया. ट्रंप, रूस के पूर्व राष्ट्रपति मेद्वेदेव के एक ट्वीट पर बिफरे हुए हैं. क्या है पूरा मामला?अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एलान किया कि उन्होंने दो न्यूक्लियर सबमरीनों को "उपयुक्त क्षेत्रों" में तैनात किया है. ट्रंप ने लिखा कि यह कदम, रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेद्वेदेव के एक "धमकाने" वाले ट्वीट के जवाब में उठाया गया है.

1 अगस्त को 'ट्रूथ सोशल' पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि "बेहद भड़काऊ बयानों को देखते हुए" उन्होंने दो न्यूक्लियर सबमरीन्स को तैनात करने का आदेश दिया. ट्रंप ने संकेत दिया कि ये एहतियात में उठाया गया कदम है, ताकि अगर ये बयान "मूर्खतापूर्ण और उकसाने वाली बातों" से इतर कुछ हों, यानी उनमें गंभीरता हो, तो अमेरिका तैयार रहे.

ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बियों की बात कर रहे हैं, या परमाणु हथियारों से लैस सबमरीनों की. ना ही उन्होंने बताया कि सबमरीनों को कहां तैनात किया गया है. हालांकि, न्यूजमैक्स को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दोनों सबमरीन रूस के करीब हैं. उन्होंने कहा, "हम हमेशा तैयार रहना चाहते हैं. और इसीलिए मैंने दो न्यूक्लियर सबमरीन क्षेत्र में भेज दिए हैं."

रूस को ट्रंप का अल्टीमेटम

लंबे समय तक रूस, खासकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति उदार और लचीला रुख रखने के बाद अब ट्रंप ने अपनी रणनीति बदली है. रूस पर आरोप है कि वह यूक्रेन में युद्ध खत्म करने पर हीलाहवाली कर रहा है.

ट्रंप ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी. जुलाई में पहले उन्होंने यूक्रेन के साथ समझौते के लिए 50 दिन की समयसीमा तय की. फिर 29 जुलाई को उन्होंने यह मियाद घटाकर रूस को 8 अगस्त तक की समयसीमा दी. ट्रंप ने कहा कि अगर तब तक रूस, यूक्रेन में संघर्षविराम पर राजी नहीं होगा तो उसपर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

इस अल्टीमेटम की निंदा करते हुए दिमित्री मेद्वेदेव ने एक सोशल पोस्ट में लिखा, "ट्रंप, रूस के साथ अल्टीमेटम का खेल खेल रहे हैं: 50 दिन या 10... उन्हें दो बातें याद रखनी चाहिए. पहली, रूस ना तो इस्राएल है ना ईरान. दूसरी बात, हर नया अल्टीमेटम एक धमकी है और युद्ध की ओर एक कदम है. रूस और यूक्रेन के बीच नहीं, बल्कि उनके अपने देश के साथ."