भारतीय नागरिक बनने से पहले ही वोटर लिस्ट में था सोनिया गांधी का नाम? बीजेपी का सनसनीखेज दावा
बीजेपी का दावा, नागरिकता नहीं होने पर भी वोटर थीं सोनिया गांधी (Photo Credits : ANI)

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जब चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगे, तो पार्टी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर एक पुराना मामला उछाल दिया है. बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिक बनने से पहले ही, आज से 45 साल पहले, अवैध रूप से वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया था.

बीजेपी के क्या आरोप हैं?

पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि सोनिया गांधी का नाम 1980 से 1982 तक वोटर लिस्ट में शामिल था, जबकि उन्हें भारत की नागरिकता अप्रैल 1983 में मिली थी. सोनिया गांधी का जन्म इटली में हुआ था.

बीजेपी के सोशल मीडिया हेड अमित मालवीय ने भी X (पहले ट्विटर) पर कुछ दस्तावेज़ पोस्ट किए. उन्होंने दावा किया कि यह 1980 की वोटर लिस्ट का हिस्सा है, जिसमें सोनिया गांधी का नाम बतौर वोटर दर्ज है. मालवीय ने सवाल उठाया, "अगर यह चुनावी धांधली का खुला मामला नहीं है, तो और क्या है?"

बीजेपी नेताओं का दावा है कि:

  • यह घटना तब हुई जब सोनिया गांधी अपने परिवार के साथ तत्कालीन प्रधानमंत्री (इंदिरा गांधी) के सरकारी आवास में रहती थीं.
  • 1980 के लोकसभा चुनाव से पहले नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में उनका नाम जोड़ा गया.

  • जब 1982 में इस पर हंगामा हुआ, तो उनका नाम लिस्ट से हटा दिया गया था.
  • मालवीय ने यह भी आरोप लगाया कि 1983 में नागरिकता मिलने के बाद भी उनका नाम गलत तरीके से लिस्ट में डाला गया, क्योंकि वोटर बनने की कट-ऑफ तारीख 1 जनवरी थी, जबकि सोनिया गांधी अप्रैल में नागरिक बनी थीं.

कांग्रेस का जवाब क्या है?

अमित मालवीय के आरोपों पर कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि यह आज के ज़रूरी सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश है. सूत्रों ने कहा, "इन सवालों से बचने के लिए, बीजेपी 45 साल पुराना एक गैर-जरूरी मामला उठा रही है." पार्टी ने अभी तक अनुराग ठाकुर के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

यह मामला अब क्यों उठा?

दरअसल, यह पूरा विवाद बीजेपी और चुनाव आयोग पर लग रहे आरोपों के जवाब में शुरू हुआ है. पिछले कुछ महीनों से विपक्ष, खासकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, बीजेपी पर कर्नाटक और महाराष्ट्र के चुनावों में बड़े पैमाने पर वोटर फ्रॉड करने का आरोप लगा रहे हैं.

राहुल गांधी ने दावा किया था कि अकेले बेंगलुरु की एक सीट पर 1 लाख से ज़्यादा अवैध वोट पड़े. विपक्ष का यह भी आरोप है कि महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव हारने के बाद बीजेपी ने विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट में एक करोड़ से ज़्यादा फर्ज़ी वोटर जुड़वा दिए थे.

चुनाव आयोग का क्या कहना है?

चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों का सख्ती से खंडन किया है. आयोग का कहना है कि उसकी प्रक्रियाएं पारदर्शी हैं और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हैं. आयोग ने राहुल गांधी से अपने दावों के सबूत एक शपथ पत्र (affidavit) में देने को भी कहा है. वहीं, बीजेपी ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा है कि वह एक संवैधानिक संस्था (चुनाव आयोग) की छवि खराब कर रहे हैं.