'शीश महल' विवाद: दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल के बंगले की होगी जांच, CVC ने दिया आदेश
सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के आवास "शीश महल" के जीर्णोद्धार की जांच के आदेश दिए हैं. 2024 में केजरीवाल के घर खाली करने के बाद, जांच तेज हुई और अब CPWD सहित विभिन्न एजेंसियां इसमें शामिल हैं.
Sheesh Mahal Delhi CM House: सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास की जांच के आदेश दिए हैं. यह आदेश CPWD द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के आधार पर दिया गया है, जिसमें 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित बंगले के जीर्णोद्धार को लेकर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था. इस बंगले को लेकर बीजेपी ने पूरे चुनाव प्रचार के दौरान इसे "शीश महल" का नाम देकर केजरीवाल पर हमले किए थे.
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
इस विवाद की जड़ 2020 में COVID-19 महामारी और लॉकडाउन के दौरान मुख्यमंत्री आवास की छत के टूटने की घटनाओं से जुड़ी है. 1942 में निर्मित यह बंगला PWD के स्वामित्व में था और इसमें पांच बेडरूम तथा एक अलग कार्यालय स्थान था. 2015 में दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद अरविंद केजरीवाल अपने परिवार के साथ इस घर में रहने लगे थे.
बंगले की मरम्मत और बढ़ता विवाद
कोविड काल में जब बंगले की मरम्मत का कार्य चल रहा था, तो एक बाथरूम की छत ढह गई थी. इसके बाद घर की संरचनात्मक सुरक्षा का ऑडिट कराया गया, जिससे बंगले के नवीनीकरण की आवश्यकता महसूस हुई. सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, मार्च 2020 में तत्कालीन PWD मंत्री सत्येंद्र जैन ने बंगले के पुनर्निर्माण और एक अतिरिक्त मंजिल जोड़ने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी.
बीजेपी ने उठाए सवाल, कहा- हमारे सामने हुआ निर्माण कार्य
जुलाई 2020 में इस बंगले पर नए निर्माण का प्रस्ताव रखा गया, क्योंकि मौजूदा ढांचे पर पुनर्निर्माण संभव नहीं था. बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि लॉकडाउन के बावजूद निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था और इसे उन्होंने खुद देखा था.
उपराज्यपाल ने दिए जांच के आदेश
मई 2023 में कांग्रेस नेता अजय माकन की शिकायत पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने तत्कालीन मुख्य सचिव नरेश कुमार को मुख्यमंत्री आवास में हुए अनियमित खर्चों की जांच के निर्देश दिए. इसके बाद सितंबर 2023 में CBI ने भी इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू की.
CPWD ने तीन इंजीनियरों को किया निलंबित
अगस्त 2024 में CPWD ने 6, फ्लैगस्टाफ रोड पर अवैध निर्माण को लेकर तीन इंजीनियरों को निलंबित कर दिया. आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे 'विच-हंट' करार दिया. इसके बाद दिल्ली सतर्कता निदेशालय ने PWD को जांच शुरू करने और रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया कि बंगले में "भव्य सामान" किस संगठन या व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराए गए.
अरविंद केजरीवाल ने बंगला खाली किया
अरविंद केजरीवाल ने अक्टूबर 2024 में यह बंगला खाली कर दिया. यह तब हुआ जब वह आबकारी नीति मामले में तिहाड़ जेल से जमानत पर रिहा हुए थे. इसके बाद PWD ने घर का कब्ज़ा लेकर इसकी वस्तुओं की सूची तैयार की. नई मुख्यमंत्री आतिशी ने इस बंगले में प्रवेश नहीं किया.
बीजेपी का हमला और ‘शीश महल’ विवाद
11 दिसंबर 2024 को बीजेपी ने केजरीवाल पर हमला तेज कर दिया और बंगले के अंदरूनी हिस्सों के कथित "टूर वीडियो" जारी किए. साथ ही ‘दिल्ली का करोड़पति’ शीर्षक से एक रैप गीत भी रिलीज किया.
अब CVC के निर्देश के बाद इस पूरे मामले की विस्तृत जांच होगी और यह स्पष्ट हो सकेगा कि मुख्यमंत्री आवास के जीर्णोद्धार में कितनी अनियमितताएं हुई हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 15, 2025 10:40 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

