Rajasthan Political Crisis: जानें क्या कहते हैं राजस्थान विधानसभा के आंकड़े?

भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को एक विधायक दल की बैठक की जिसमें राज्य सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया गया. अगर सरकार अपने बहुमत को साबित करने में सक्षम होती है, तो इसे अगले छह महीने तक चुनौती नहीं दी जा सकती है.

अशोक गहलोत और सचिन पायलट (Photo Credits: PTI)

राजस्थान में हालिया राजनीतिक संकट के बीच, राज्य में आज से विधानसभा सत्र शुरू होने जा रहा है, जिसमें मुख्‍यंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के भाग्य का फैसला होगा. दरअसल कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पिछले महीने मुख्यमंत्री गहलोत के खिलाफ 18 अन्य पार्टी विधायकों के साथ खुलेआम विद्रोह किया था. फिर उन्हें उपमुख्यमंत्री और पार्टी के राजस्थान प्रमुख के रूप में बर्खास्त कर दिया गया. हालांकि, इस सप्ताह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद दोनों नेताओं के बीच समझौता हुआ है. गुरुवार को, पायलट और गहलोत पहली बार एक महीने पहले पूर्व के विद्रोह के बाद मिले और हाथ मिलाया.

कांग्रेस ने गुरुवार को दो विधायकों, भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह के निलंबन को रद्द कर दिया, जो पायलट शिविर का हिस्सा थे और जिन्हें पार्टी ने सरकार को गिराने के लिए साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था.

क्या कहते हैं राजस्थान विधानसभा के आंकड़े?

कुल सीटें : 200

बहुमत के लिए जरूरी : 101

वर्तमान स्थिति

कांग्रेस+ : 122

भाजपा+ : 75

निर्दलीय : 3

भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को एक विधायक दल की बैठक की जिसमें राज्य सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाने का फैसला किया गया. अगर सरकार अपने बहुमत को साबित करने में सक्षम होती है, तो इसे अगले छह महीने तक चुनौती नहीं दी जा सकती है.

राजस्थान उच्च न्यायालय गुरुवार को भाजपा के एक विधायक और बीएसपी द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करेगा और बाद के छह विधायकों के कांग्रेस के साथ विलय को चुनौती देगा. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को विलय पर अस्थायी रोक लगाने से इनकार कर दिया था और उच्च न्यायालय के फैसले पर छोड़ दिया था. इसका मतलब है कि छह विधायक विश्वास मत के दौरान मतदान कर सकेंगे। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि वह उच्च न्यायालय के फैसले के बाद सोमवार को इस मामले को फिर से सुनवाई करेगी.

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