प्रशांत किशोर ने फिर साधा नीतीश कुमार पर निशाना, कहा- दिल्ली हिंसा पर बोलना चाहिए था, सूबे के विकास को लेकर किए सवाल
सीएम नीतीश की रैली में कहा कि NDA एकजुट होकर लडेगी और 200 से अधिक सीटें जीतेगी. इस बयान पर पलटवार करते हुए किशोर ने कहा, पटना में JDU कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ को सम्बोधित करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने 200 सीटें जीतने का दावा किया लेकिन ये नहीं बताया कि 15 साल के उनके “सुशासन” के बावजूद बिहार आज भी देश का सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य क्यों हैं?
Prashant Kishor Again Targets Nitish Kumar: राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा. रविवार को पटना में रैली कर चुके सीएम को आड़े हाथों लेते हुए किशोर ने कहा कि उन्होंने दिल्ली हिंसा पर एक शब्द भी नहीं कहा, जो गलत था. बता दें कि पिछले सप्ताह राजधानी में हुई हिंसा में 45 से ज्यादा लोगों की जान चली गयी है. कई लोगों के आशियाने इस हिंसा में तबाह हो गए. दिल्ली सरकार की ओर से राहत का काम किये जाने के दावे किये जा रहे हैं.
बहरहाल, सीएम नीतीश की रैली में कहा कि NDA एकजुट होकर लडेगी और 200 से अधिक सीटें जीतेगी. इस बयान पर पलटवार करते हुए किशोर ने कहा, पटना में JDU कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ को सम्बोधित करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने 200 सीटें जीतने का दावा किया लेकिन ये नहीं बताया कि 15 साल के उनके “सुशासन” के बावजूद बिहार आज भी देश का सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य क्यों हैं?
पटना में JDU workers की “भारी भीड़” को सम्बोधित करते हुए @NitishKumar ने 200 सीटें जीतने का दावा किया लेकिन ये नहीं बताया कि 15 साल के उनके “सुशासन” के बावजूद बिहार आज भी देश का सबसे पिछड़ा और गरीब राज्य क्यों हैं?
Also it was bad on his part not to say a word on #DelhiViolence
— Prashant Kishor (@PrashantKishor) March 2, 2020
बता दें कि बिहार विधानसभा से एनपीआर-एनआरसी के संबंध में सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित होने और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव से मुलाकात के बाद महागठबंधन में उनके फिर से लौटने को लेकर लगायी जा रही अटकलों के बारे में सीएम ने कहा, ‘‘ तरह तरह की बात हो रही. मैं आप लोगों को बता देना चाहता हूं कि जैसे लोकसभा चुनाव में NDA जीता उसी तरह राजग इस विधानसभा चुनाव में 200 से अधिक सीटें जीतेगा.’’
नीतीश ने आगे कहा, ‘‘ एनपीआर और एनआरसी की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं. सीएए का मामला उच्चतम न्यायालय के विचाराधीन है और अगर यह असंवैधानिक है तो न्यायालय का फैसला आने का इंतजार करना चाहिए. इसको लेकर समाज में अनावश्यक विवाद और ऐसा माहौल पैदा नहीं करें.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 02, 2020 10:59 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

