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शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान, कहा-'वीर सावरकर को जो मानता नहीं, उसे बीच चौक में पीटा जाना चाहिए'

दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में लगाई गई वीर सावरकर की मूर्ति पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. एनएसयूआई के भारी विरोध के बाद जब शिवसेनाप्रमुख उद्धव ठाकरे से इस मामले पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "वीर सावरकर को जो मानता नहीं है, उसे चौक में पीटा जाना चाहिए. सावरकर का अपमान राहुल गांधी ने भी किया था, ऐसे औलादों को स्वतंत्रता की अहमियत नहीं समझेगी."

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान, कहा-'वीर सावरकर को जो मानता नहीं, उसे बीच चौक में पीटा जाना चाहिए'
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (Photo Credits-ANI Twitter)

नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में लगाई गई वीर सावरकर (Veer Savarkar) की प्रतिमा को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस की स्टूडेंट विंग एनएसयूआई के भारी विरोध के बाद जब शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे से इस मुद्दे पर सवाल किया गया तो ठाकरे ने कहा, "वीर सावरकर (Veer Savarkar) को जो मानता नहीं है, उसे बीच चौक में पीटा जाना चाहिए. उद्धव ने आगे कहा कि सावरकर का अपमान इससे पहले राहुल गांधी ने भी किया था, ऐसे औलादों को स्वतंत्रता की अहमियत नहीं समझेगी."

ज्ञात हो कि दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में रातों रात वीर सावरकर (Veer Savarkar), नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों  की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं. जानकारी के अनुसार आर्ट्स फैकल्टी गेट पर डूसू अध्यक्ष शक्ति सिंह ने सोमवार देर रात इन तीनों प्रतिमाओं को स्थापित किया था. जिसके बाद एनएसयूआई (NSUI) ने इसके विरोध में वीर सावरकर की प्रतिमा को जूतों की माला पहना दी थी और मुंह पर कालिख पोत दी थी. मीडिया में ऐसी खबर है कि एबीवीपी (ABVP) ने प्रशासन से इजाजत लिए बिना यहां ये मूर्तियां लगाई थीं. यह भी पढ़े-वीर सावरकर की याद में लता मंगेशकर ने किया ऐसा ट्वीट, कहा- लोग सावरकर जी के विरोध में बातें करते हैं लेकिन वो देशभक्त थे

वही इस पुरे विवाद के बाद एनएसयूआई (NSUI) का कहना था कि एबीवीपी (ABVP) ने दोनों स्‍वतंत्रता सेनानियों के साथ सावरकर की प्रतिमा लगाकर इनका अपमान किया है. छात्रों का कहना था कि सावरकर का स्‍वतंत्रता में कोई योगदान नहीं था. वह देशभक्‍त नहीं देशद्रोही थे. इसी के चलते प्रतिमा पर स्‍याही पोती गई. बताया जा रहा है कि एबीवीपी (ABVP) ने प्रशासन से अनुमति लिए बिना यहां ये मूर्तियां स्थापित की थीं.

इस पुरे मामले पर डूसू अध्यक्ष शक्ति सिंह का कहना है कि प्रतिमा लगाने के लिए डीयू प्रशासन से कई दफा मांग की गई थी,  किन्तु हर बार मांग अनसुनी कर दी गई. इससे पहले डूसू नॉर्थ परिसर का नाम वीर सावरकर (Veer Savarkar) के नाम पर रखे जाने की भी मांग उठी थी. इसके कुछ ही दिन बाद नॉर्थ कैंपस के गेट पर वीर सावरकर के साथ भगत सिंह और सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की गई है. आपकी जानकारी के लिए बताना चाहते है कि डूसू पर फिलहाल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानि एबीवीपी (ABVP) का कब्जा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 23, 2019 05:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).