नई दिल्ली, 15 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी सरकार का हमेशा से प्रयास रहा है कि शासन का प्रभाव बढ़े और हर नागरिक के जीवन में सरकार का दखल कम हो. मोदी ने कहा कि उनकी सरकार हर स्तर पर प्रक्रियाओं को सरल बनाकर पारिस्थितिकी तंत्र को पारदर्शी बनाने के लिए अथक प्रयास कर रही है. Kolkata Film Festival: अभिव्यक्ति की आजादी पर अभी भी सवाल उठाए जा रहे हैं: अमिताभ बच्चन
प्रधानमंत्री ने 19 से 25 दिसंबर तक मनाए जाने वाले ‘दूसरे सुशासन सप्ताह’ पर अपने संदेश में कहा कि उनकी सरकार ने सार्वजनिक शिकायतों के निवारण, ऑनलाइन सेवाओं, सेवा वितरण आवेदनों के निपटान और सुशासन व्यवस्थाओं सहित विभिन्न नागरिक-केंद्रित पहलों की शुरुआत की है.
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा हमेशा से प्रयास रहा है कि शासन का प्रभाव बढ़े, लेकिन प्रत्येक नागरिक के जीवन में सरकार का हस्तक्षेप कम हो.’’
मोदी ने कहा कि हजारों पुराने कानूनों को निरस्त करना और कई तरह के मामूली अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करना इस दिशा में प्रमुख कदम हैं. उन्होंने कहा कि तकनीक में सरकार और नागरिकों को करीब लाने की अपार क्षमता है.
प्रधानमंत्री ने 12 दिसंबर की तिथि में एक संदेश में कहा, ‘‘आज, तकनीक नागरिकों को सशक्त बनाने के साथ-साथ दिन-प्रतिदिन के कामकाज में पारदर्शिता लाने का एक मजबूत माध्यम बन गई है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम नागरिकों के डिजिटल सशक्तीकरण और संस्थानों के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं.’’
मोदी ने कहा कि लोगों ने अगले 25 वर्षों के ‘अमृतकाल’ के दौरान एक गौरवशाली और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लिया है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी भूमिका अवसरों को बढ़ाने और लोगों के रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने की है.’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरा सुशासन सप्ताह हर स्तर पर सुशासन को आगे बढ़ाने में मदद करेगा.
मोदी ने कहा, ‘‘यह विशेष रूप से खुशी की बात है कि इस साल भी ‘प्रशासन गांव की ओर’ अभियान सुशासन सप्ताह का हिस्सा बना हुआ है.’’
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