PM Modi's Mangalsutra Remark: पीएम मोदी के मंगलसूत्र वाले बयान पर EC पहुंची कांग्रेस, कहा- आचार संहिता का हुआ उल्लंघन, हो कार्रवाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'संपत्ति बांट देने वाले' बयान के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई है. इसकी जानकारी कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है.
PM Modi's Mangalsutra Remark: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के 'संपत्ति बांट देने वाले' बयान के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई है. इसकी जानकारी कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है. इसके साथ ही एक्स पर कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें वह चुनाव आयोग से शिकायत के बाद मीडिया से बात कर रहे हैं.
कांग्रेस नेता सिंघवी ने बताया कि हम चुनाव आयोग का धन्यवाद करते हैं, उन्होंने कम समय में हमारी शिकायत को सुना. आशा है कि वह इस पर ठोस कदम उठाएंगे। हमने चुनाव आयोग में 17 शिकायतें दर्ज की हैं। लेकिन तीन से चार के बारे में बताऊंगा. मैं पीएम मोदी का आदर करता हूं क्योंकि वो मुखर और प्रखर वक्ता हैं.पीएम मोदी ने राजस्थान में चुनाव प्रचार के दौरान भद्दा बयान दिया. इसमें एक समुदाय, एक धर्म का स्पष्ट नाम के साथ विवरण है। बयान में समुदाय या धर्म को घुसपैठियों के साथ बराबर में जोड़ा गया है. यह भी पढ़े: पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक, अभद्र और निंदनीय बयान देने वाले विपक्षी नेता अब देश की एकता पर कर रहे आघात : सुधांशु त्रिवेदी
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने आगे कहा, ''पीएम मोदी ने अपने बयान में मंगल सूत्र का भी जिक्र किया। उन्होंने भारत के संविधान की अस्मिता पर आघात किया है. भारतीय संविधान एक गौरवशाली संविधान है.संविधान कहता है कि धर्मनिरपेक्षता, पंथनिरपेक्षता का हमारे संविधान के मूल ढांचे का अभिन्न अंग है.अब चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि इस पर कार्रवाई करे, इसमें देश की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ सवाल है, हमारे संविधान की विश्वसनीयता का सवाल है, हमारे प्रधानमंत्री पद की और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का सवाल है.
कांग्रेस ने एक्स हैंडल पर लिखा कि हमने चुनाव आयोग में 17 शिकायतें दर्ज की हैं, जिसमें 5 मुख्य हैं:-
1. देश के प्रधानमंत्री ने राजस्थान में जिस तरह एक समुदाय के लिए भद्दा वक्तव्य दिया, वह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है. चुनाव आयोग को इस पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए. इस बयान से देश के संविधान, प्रधानमंत्री पद, चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा हो गया है.
2. बीजेपी सरकार ने गुजरात समेत कई जगहों पर सत्तारूढ़ पार्टी की तस्वीरें लगाई हैं, जो सिर्फ धर्म की बात करती है.
3. सूरत में चुनाव के एक दिन पहले कांग्रेस के एक साथ 4 प्रस्तावक बोलते हैं कि वह हस्ताक्षर मेरे नहीं हैं, उसके बाद वह लापता हो जाते हैं। सबसे बड़ी बात- जितने भी बीजेपी के विपक्ष के नेता हैं, सब नामांकन वापस ले लेते हैं। ऐसे में सूरत के चुनाव को स्थगित करना चाहिए.
4. न्यूज 18 चैनल के अमिश देवगन का एक प्रोग्राम भद्दा होने के साथ ही आपसी वैमनस्य, गैरकानूनी और धर्म-पंथ निरपेक्षता के विरुद्ध है, जिस पर प्रतिबंध लगाना आवश्यक है.
5. राहुल गांधी कर्नाटक के उस क्षेत्र में कैंपेन करेंगे, जिसमें चुनाव नहीं हुआ है। ऐसे में हमने आयोग से अनुमति मांगी है.
बता दें कि पीएम मोदी ने राजस्थान के बांसवाड़ा में चुनावी रैली में पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के बयान का जिक्र करते हुए कहा था कि अगर कांग्रेस केंद्र में सत्ता में आती है, तो वह लोगों की संपत्ति लेकर मुसलमानों को बांट देगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2024 07:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

