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जम्मू कश्मीर: महबूबा मुफ्ती ने कहा- 35A की हिफाजत के लिए हम जान और माल कुर्बान करने के लिए तैयार

जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की संरक्षक महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि इस वक्त अफवाहें हो रही हैं कि 35ए के ऊपर हमला हो सकता है. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू और कश्मीर का जो 35ए है उसकी हिफाजत के लिए हम जान और माल कुर्बान करने के लिए तैयार हो जाएंगे.

जम्मू कश्मीर: महबूबा मुफ्ती ने कहा- 35A की हिफाजत के लिए हम जान और माल कुर्बान करने के लिए तैयार
महबूबा मुफ्ती (Photo Credits: ANI)

जम्मू और कश्मीर (Jammu and Kashmir) की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी (PDP) की संरक्षक महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने बुधवार को कहा कि इस वक्त अफवाहें हो रही हैं कि 35ए (Article 35A) के ऊपर हमला हो सकता है. उसके हवाले से हम सबको इकट्ठा होना चाहिए. न सिर्फ नेताओं को बल्कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी. वो चाहे नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) से हों, कांग्रेस (Congress) से हों, बीजेपी (BJP) से हों या फिर पीडीपी से हों. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं को सबके घर जाना चाहिए और सबको जानकारी देनी चाहिए कि इस वक्त हम जो चुनाव की लड़ाई है उसको अलग रख के, मिल के काम करेंगे और जम्मू और कश्मीर का जो 35ए है उसकी हिफाजत के लिए हम जान और माल कुर्बान करने के लिए तैयार हो जाएंगे.

इससे पहले मंगलवार को महबूबा मुफ्ती ने जम्मू और कश्मीर में हाल में हुई घटनाओं के मद्देनजर सभी दलों को एकजुट करने का प्रयास किया. उन्होंने अपने धुर विरोधी दल नेशनल कॉन्फ्रेंस के अलावा पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और माकपा के साथ वार्ता की. महबूबा मुफ्ती ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेताओं सज्जाद गनी लोन और इमरान अंसारी से इस बारे में बात की है. उन्होंने कहा, ‘‘राज्य में उभरती परिस्थितियों के मद्देनजर अपने पूर्व सहयोगियों सज्जाद लोन और इमरान अंसारी सहित जम्मू-कश्मीर के प्रमुख दलों के प्रमुखों से बातचीत की. इस तरह की सहमति बन रही है कि वर्तमान स्थिति में एकजुटता वाला रुख अपनाया जाए.’’ यह भी पढ़ें- आर्टिकल 35A से छेड़छाड़ करना बारूद में आग लगाने जैसा होगा: पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती

बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा संविधान के अनुच्छेद 35ए को समाप्त करने की योजना के संबंध में खबरें आने के बाद पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में काफी घबराहट की स्थिति है. अनुच्छेद 35ए के तहत कश्मीर में स्थाई निवासी की परिभाषा तय करने का अधिकार राज्य विधानसभा को दिया गया है. सोशल मीडिया पर अफवाहें भरी पड़ी हैं कि अनुच्छेद 35ए को जल्द ही समाप्त करने की घोषणा होने वाली है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 31, 2019 03:47 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).