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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: छिटपुट हिंसा के बीच 75 फीसदी मतदाताओं ने डाले वोट

मध्य प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो गया। चंबल क्षेत्र के कुछ स्थानों पर मारपीट, गोलीबारी और मतदान केंद्रों में तोड़फोड़ की घटनाओं के अलावा पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण रहा. राज्य में 74.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया हालांकि छह बजे के बाद भी कई स्थानों पर मतदाताओं की कतारें लगी हुई थी

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: छिटपुट हिंसा के बीच 75 फीसदी मतदाताओं ने डाले वोट
प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटो)

भोपाल: मध्य प्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो गया। चंबल क्षेत्र के कुछ स्थानों पर मारपीट, गोलीबारी और मतदान केंद्रों में तोड़फोड़ की घटनाओं के अलावा पूरे राज्य में मतदान शांतिपूर्ण रहा. राज्य में 74.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया हालांकि छह बजे के बाद भी कई स्थानों पर मतदाताओं की कतारें लगी हुई थी.गड़बड़ी के चलते 883 ईवीएम बदली गई. मुख्य निर्वाचन अधिकारी वीएल कांताराव ने संवाददाताओं को बताया, "राज्य में शांतिपूर्वक मतदान संपन्न हो गया. कहीं भी हिंसा और पुनर्मतदान की बात सामने नहीं आई है। नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट के तीन विधानसभा क्षेत्रों में लगभग 80 फीसदी मतदान हुआ है. वहीं पूरे राज्य में 74. 61 प्रतिशत मतदान हुआ है। यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना है."

बालाघाट के तीन विधानसभा क्षेत्रों पसरवाड़ा, लांजी और बैहर में सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ था जो तीन बजे खत्म हो गया. शेष 227 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक चला. शाजापुर और नीमच में सबसे ज्यादा 81 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, वहीं सबसे कम 60 प्रतिशत मतदान सतना में दर्ज किया गया. कांताराव के अनुसार, "वर्ष 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में 72.13 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि इस बार 74. 61 प्रतिशत मतदान हुआ. मतदान का प्रतिशत और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि छह बजे के बाद 250 मतदान केंद्रों में मतदाता मौजूद थे." यह भी पढ़े: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: शाम 5 बजे से थम गया चुनाव प्रचार, अब घर-घर दस्तक दे रहे हैं उम्मीदवार

उन्होंने बताया, "इस दौरान 3000 शिकायतें आई, जिनमें से 1000 फर्जी पाई गई और शेष 2000 शिकायतों का निवारण किया गया. मतदान कार्य में लगे तीन कर्मचारियों की मौत हो गई."मतदान के दौरान भिंड जिले के कुछ मतदान केंद्रों में तोड़फोड़, गोलीबारी और हिंसा की घटनाएं हुई, वहीं भिंड के तीन विधानसभा क्षेत्रों भिंड, लहार, अटेर के सभी उम्मीदवारों को जिला मुख्यालय में नजरबंद रखा गया और मतदान का समय पूरा होने से कुछ देर पहले उन्हें घर जाने दिया गया. यह भी पढ़े: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: घर बैठे मोबाइल से ऐसे डॉउनलोड करें अपना वोटर-ID डिटेल्स, वो भी चंद सेकंड में

राज्य के प्रमुख नेताओं में मुख्यमंत्री शिवराज सिह चौहान ने बुधनी विधानसभा क्षेत्र के जैत गांव में, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने छिदवाड़ा जिले के सोंसर विधानसभा क्षेत्र के शिकारपुर में, कांग्रेस प्रचार अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर के फूलबाग में वोट डाला. मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. एल. क़े कांताराव ने कहा, "प्रदेश में 883 ईवीएम मशीनों को गड़बड़ी के चलते बदला गया। इन मशीनों को अगले एक घंटे के भीतर बदल दिया गया. इसी तरह 2126 वीवीपैट और 881 कंट्रोल यूनिट को बदला गया. कई स्थानों से रात में शराब, नकदी बांटने को लेकर खबरें आई. इस पर आयोग कार्रवाई कर रहा है." यह भी पढ़े: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018: बीजेपी को खल रही इस बड़े नेता की कमी, 3 बार लगाई थी पार्टी की नैया पार

उन्होंने कहा, "मतदान केंद्र पर जब तक मतदाता मौजूद रहेंगे, तब तक मतदान का क्रम जारी रहेगा."मतदान को लेकर आम मतदाताओं में उत्साह नजर आया, मतदान केंद्रों के बाहर मतदान शुरू होने से पहले ही मतदाताओं की कतारें लग गई थी. मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारें मतदाताओं के उत्साह को बताती रही। कई स्थानों पर ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी पर मतदाताओं ने नाराजगी जताई। कई स्थानों पर तो मतदाताओं को एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 28, 2018 09:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).