इस्राएल: सैन्य ठिकानों के पास के घर खाली कर दें ईरानी
इस्राएली सेना ने कहा है कि उसके पास ईरान में निशाना बनाई जाने वाली जगहों की एक लंबी फेहरिस्त है.
इस्राएली सेना ने कहा है कि उसके पास ईरान में निशाना बनाई जाने वाली जगहों की एक लंबी फेहरिस्त है. वहीं ईरान ने कहा है कि परमाणु ठिकानों पर हमला करके "इस्राएल ने नई लाल रेखा पार कर दी है."ईरान और इस्राएल के बीच सशस्त्र संघर्ष लगातार तीसरे दिन भी जारी है. इस्राएल के सरकारी प्रसारक ने ईरान की तरफ से ताजा हवाई हमलों की जानकारी दी है. न्यूज एजेंसी एएफपी के संवाददाताओं ने येरुशलम में हवाई हमले के सायरन सुनाई देने की पुष्टि की है. इस्राएली प्रशासन के मुताबिक, ईरानी हमलों के कारण शनिवार रात भर में 10 लोगों की मौत हुई है. इस संघर्ष में अब तक कुल 13 इस्राएली मारे गए हैं. वहीं ईरान ने कहा कि इस्राएली हमलों में अब तक कम-से-कम 128 लोग मारे गए हैं और 320 से ज्यादा घायल हैं.
नई लाल लकीर 'पार'
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि इस्राएल का एक बड़े गैस संयंत्र पर हवाई हमला शायद "युद्ध को ईरानी इलाके से बाहर तक बढ़ाने" के इरादे से था. ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, अरागची ने इस कदम को "बहुत खतरनाक" बताया.
उन्होंने कहा कि परमाणु स्थलों पर इस्राएली हमलों ने "नई लाल रेखा पार कर दी" है और इससे पता चलता है कि इस्राएल "बातचीत नहीं चाहता" और परमाणु वार्ता में "कूटनीति हल नहीं चाहता." अरागची ने यह भी कहा कि अगर इस्राएली सेना के हमले बंद हुए तो उनका देश भी मिसाइल हमले बंद कर देगा.
इसी बीच, इस्राएल ने महत्वपूर्ण ईरानी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना जारी रखा और शनिवार को दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर हमला किया. दक्षिण पार्स दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है और ईरानी गैस उत्पादन के लिए बहुत अहम है.
घर खाली करने की चेतावनी दी
इस बीच, इस्राएली सेना ने ईरान में हथियारों केंद्रों के आस-पास रहने वाले लोगों से इलाके खाली करने को कहा है. सेना के प्रवक्ता अविकेय अद्राय ने अपने एक्स अकाउंट पर अरबी और फारसी में लिखा, "आपकी सुरक्षा के लिए हम आपसे तुरंत इलाके को खाली करने और आगामी सूचना तक वापस न आने का अनुरोध करते हैं."
यह चेतावनी इस्राएली हवाई हमलों के बाद आई है जिसमें ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना गया है. ईरानी मीडिया ने रविवार को कहा कि इस्राएल ने हवाई हमलों में दो ईंधन डिपो को निशाना बनाया है. तेल मंत्रालय के अनुसार, तेहरान के उत्तर-पश्चिम में शाहरान तेल और गैसोलीन डिपो व शहर के दक्षिण में एक और तेल भंडार पर हमला हुआ है. 11 टैंकों वाला शाहरान डिपो तेहरान और उसके पश्चिमी इलाकों के लिए तेल और गैसोलीन का बड़ा वितरण केंद्र है.
ईरान पर हवाई हमले कब तक जारी रहेंगे, यह पूछे जाने पर इस्राएली सेना ने टिप्पणी करने से इनकार किया है. यह जरूर कहा कि उनके पास ईरान में उनके निशानों की लंबी सूची है.
ईरान को ट्रंप की धमकी
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने धमकी दी कि अगर ईरान किसी भी अमेरिकी ठिकाने पर हमला करता है तो "अमेरिकी सशस्त्र बलों की पूरी ताकत और शक्ति" से जवाब दिया जाएगा.
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा,"अमेरिका का आज रात ईरान पर हुए हमलों से कोई संबंध नहीं है." उन्होंने लिखा, "अगर हम पर किसी भी तरह से ईरान हमले करता है, तो अमेरिकी सशस्त्र बलों की पूरी ताकत और शक्ति आपके ऊपर ऐसी तीव्रता से बरसेगी जो पहले कभी नहीं देखी गई."
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मध्य पूर्व में जर्मन विदेश मंत्री
ईरान और इस्राएल के टकराव के बीच जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल मध्य पूर्व के दौरे पर हैं. दोनों देशों के बीच तनाव घटाने के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा कि वह "आशावान हैं कि अगले कुछ दिनों में बेहतर स्थिति बनेगी." जर्मनी के सार्वजनिक प्रसारक एआरडी से बातचीत में वाडेपुल ने कहा कि वह मध्य पूर्व में जिनसे मिल रहे हैं उनसे ईरान से बात करने को कह रहे हैं. वाडेफुल ने कहा कि जर्मनी, इस्राएल से भी बात कर रहा है.
वाडेफुल ने कतर में वहां के विदेश मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी से मुलाकात की. इससे पहले उन्होंने रियाद का दौरा किया और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान से मुलाकात की.