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WB By-Election Results: पश्चिम बंगाल उपचुनाव में कांग्रेस 'जीरो' पर, ममता बनर्जी की बड़ी जीत

पश्चिम बंगाल उपचुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की जीत के साथ, कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि सबसे बड़ा नुकसान उनकी पार्टी को हुआ है, जिसने औपचारिक रूप से भाजपा को विपक्ष की जगह दे दी है, जो अब राज्य में दूसरे नंबर पर है. यह उत्तर प्रदेश और बिहार के बाद पश्चिम बंगाल को तीसरा बड़ा राज्य बनाता है, जहां कांग्रेस की मौजूदगी खत्म हो रही है.

WB By-Election Results: पश्चिम बंगाल उपचुनाव में कांग्रेस 'जीरो' पर, ममता बनर्जी की बड़ी जीत
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Photo Credits: PTI)

WB By-Election Results: पश्चिम बंगाल (west Bengal) उपचुनाव में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की जीत के साथ, कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि सबसे बड़ा नुकसान उनकी पार्टी को हुआ है, जिसने औपचारिक रूप से भाजपा को विपक्ष की जगह दे दी है, जो अब राज्य में दूसरे नंबर पर है. यह उत्तर प्रदेश और बिहार के बाद पश्चिम बंगाल को तीसरा बड़ा राज्य बनाता है, जहां कांग्रेस की मौजूदगी खत्म हो रही है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 84,709 वोट हासिल किए, उन्होंने भाजपा की प्रियंका टिबरेवाल को निर्णायक रूप से हराया, जिन्होंने भवानीपुर उपचुनाव में 26,350 वोट हासिल किए, जबकि मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के श्रीजीब बिस्वास केवल 4,201 वोट हासिल करने में सफल रहे. जंगीपुर और समसेरगंज में भी तृणमूल ने निर्णायक बढ़त बनाए रखी है. यह भी पढ़े: West Bengal: भवानीपुर सीट से मिली धमाकेदार जीत के बाद ममता बनर्जी ने लोगों का किया धन्यवाद, केंद्र सरकार पर लगाये ये आरोप

कांग्रेस, जिसने भवानीपुर से चुनाव नहीं लड़ा था, 2016 के चुनावों के बाद विधानसभा में 44 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन अब उसके पास राज्य से सिर्फ एक लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद नहीं है. पार्टी को वस्तुत: नए सिरे से शुरुआत करनी होगी, क्योंकि अधिक से अधिक नेता तृणमूल की ओर बढ़ रहे हैं. उधर, उत्तर प्रदेश में पार्टी के पास केवल एक लोकसभा सांसद है और 2017 में चुने गए 7 विधायकों में से दो ने पार्टी छोड़ दी है.

बिहार में भी कांग्रेस के पास एक लोकसभा सीट है और 19 विधायक हैं. इन राज्यों में 162 लोकसभा सीटों (यूपी 80, पश्चिम बंगाल 42 और बिहार 40) के लिए कांग्रेस की स्थिति अस्थिर है. इन सभी राज्यों में, क्षेत्रीय दलों - यूपी में सपा/बसपा, बिहार में राजद और अब पश्चिम बंगाल में तृणमूल ने कांग्रेस को परिधि में धकेल दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि पार्टी अगर 2024 के आम चुनावों में अपनी छाप छोड़ना चाहती है तो उसे अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 03, 2021 10:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).