Himachal Politics: CM सुक्खू की विदाई से कांग्रेस को मिलेगी संजीवनी? हिमाचल में सरकार बचाने के लिए काम आ सकता है ये रास्ता
राज्यसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद हिमाचल प्रदेश में उथल-पुथल मची हुई है. सुक्खू सरकार राज्यसभा चुनाव के बाद नंबरगेम में फंस गई है. इस बीच खबर यह भी आ रही है कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी है.
शिमला: राज्यसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद हिमाचल प्रदेश में उथल-पुथल मची हुई है. सुक्खू सरकार राज्यसभा चुनाव के बाद नंबरगेम में फंस गई है. इस बीच खबर यह भी आ रही है कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी है. हालांकि सीएम सुक्खू ने इससे इनकार किया है. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) ने कहा, "मैं घबराने वाला व्यक्ति नहीं हूं. मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि बजट के लिए जो वोटिंग होगी उसमें हमारी जीत होगी. इस्तीफे की अफवाह बीजेपी फैला रही है... वे सोच रहे होंगे कि इससे कांग्रेस में भगदड़ मच जाएगी लेकिन कांग्रेस पार्टी एकजुट है, जो छोटी-मोटी शिकायतें हैं वह भी दूर हो जाएंगी." Himachal Pradesh: विक्रमादित्य सिंह ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा; क्या प्रदेश में गिर जाएगी सुक्खू सरकार?
चली जाएगी सीएम सुक्खू की कुर्सी?
अभी के माहौल को देखें तो हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के लिए सरकार बचाना चुनौती है. राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले बगावती विधायकों ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक पार्टी के समर्थन में खड़े हैं लेकिन वो सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ हैं.
ऐसे में माना जा रहा है कि सुखविंदर सिंह सुक्खू की कुर्सी जाना तय है. माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान सुखविंदर सिंह सुक्खू को किनारे कर सरकार बचाने पर विचार कर रही है. क्यों कि लोकसभा चुनाव से पहले एक और राज्य को खोने का रिस्क कांग्रेस नहीं लेना चाहेगी. कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बुधवार को कहा कि पार्टी सर्वोपरि है और वह जनादेश बरकरार रखने के लिए कठोर निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगी. पार्टी सरकार अस्थिर नहीं होने देगी.
कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ाते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के पुत्र विक्रमादित्य सिंह ने भी मंत्रिमंडल से अपने इस्तीफे की घोषणा की और कहा कि वह पहले ही प्रियंका गांधी वाड्रा से बात कर चुके हैं.
सीएम के इस्तीफे पर सस्पेंस
हिमाचल प्रदेश CM सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा इस्तीफे की बात से इनकार करने पर हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा, "हम कह रहे हैं कि अगर नैतिकता थोड़ी भी है तो इससे पहले कि पार्टी हटाए उन्हें (सुखविंदर सिंह सुक्खू) विचार करना चाहिए. हिमाचल प्रदेश में सारी चीजों को लेकर इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ. वे आज सरकार बचाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन आने वाले समय में कांग्रेस की सरकार नहीं होगी."
जयराम ठाकुर ने कहा, "यह सरकार सत्ता में रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है... जहां तक मुझे जानकारी मिली है, मुख्यमंत्री सुक्खू ने भी अपना इस्तीफा पेश कर दिया है या हो सकता है कि आलाकमान ने उनसे मांगा हो, मुझे पता नहीं है."
सरकार बचाने में जुटी कांग्रेस
कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने हिमाचल प्रदेश सरकार पर आए संकट के बीच बुधवार को हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा और कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को पार्टी विधायकों से बात करके समाधान निकालने के लिए शिमला भेजा है.
इस बीच, हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने अशोभनीय आचरण के आरोप में 15 बीजेपी विधायकों को निलंबित कर दिया और सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. हिमाचल प्रदेश की 68 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 40 विधायक हैं जबकि बीजेपी के 25 विधायक हैं. प्रदेश में तीन निर्दलीय विधायक हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 28, 2024 02:17 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

