पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के बीच, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने एक ऐसा बयान दे दिया है जिस पर बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है. उन्होंने वोटिंग में 'बुर्के' को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर किसी पर शक हो तो उसका चेहरा चेक किया जाना चाहिए.
'फर्जी वोटिंग' का उठाया मुद्दा
गिरिराज सिंह का मुख्य मुद्दा बुर्के की आड़ में 'फर्जी वोटिंग' (यानी गलत तरीके से वोट डालना) को लेकर था.
उन्होंने साफ-साफ कहा, "अगर बुर्के में शक हो तो चेहरा चेक किया जाना चाहिए. ये पाकिस्तान नहीं है."
उनका कहना था कि पोलिंग एजेंटों या चुनाव कर्मियों को अगर किसी वोटर पर संदेह होता है, तो उन्हें बुर्का उठाकर चेहरा देखने को कहने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि भारत का संविधान सबको बराबर का अधिकार देता है और यहाँ पाकिस्तान की तरह इस्लामिक शरिया कानून नहीं चलता.
'एयरपोर्ट पर तो शरिया कानून नहीं दिखता'
गिरिराज सिंह यहीं नहीं रुके. उन्होंने शरिया कानून को लेकर भी तंज कसा.
उन्होंने कहा, "जब लोग आधार कार्ड बनवाने जाते हैं या एयरपोर्ट पर चेकिंग के लिए जाते हैं, तब उन्हें शरिया कानून याद नहीं आता. वहां तो सब चेहरा दिखाते हैं. लेकिन वोटिंग के वक्त ही कुछ मुल्लाओं को शरिया कानून क्यों याद आने लगता है."
उन्होंने जोर देकर कहा कि ये हिंदुस्तान है, जो संविधान से चलता है, शरिया कानून से नहीं.
'बुर्के में मतदान करने वालों की जांच हो, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता करें जांच...ये भारत है पाकिस्तान नहीं': केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह#BiharElections | #BiharElectionsWithNDTV | #BiharElection2025 pic.twitter.com/1pKsXKAzMm
— NDTV India (@ndtvindia) November 6, 2025
'कट्टा' वीडियो और 'जंगलराज' का भी जिक्र
गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए उस वायरल वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें एक बच्चा कथित तौर पर कह रहा है, "तेजस्वी भइया अइहें, कट्टा सटइहैं."
उन्होंने कहा कि यही तो 'जंगलराज' है, जिसकी बात लोग कर रहे हैं.
इसके अलावा, उन्होंने भारत-पाकिस्तान की तुलना करते हुए कहा कि आजादी के वक्त भारत में 3 हजार मस्जिदें थीं, जो आज तीन लाख हो गई हैं, लेकिन पाकिस्तान में हजारों मंदिर तोड़ दिए गए.
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा बयान बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग के दौरान आया है. पहले फेज में 18 जिलों की 121 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं. गिरिराज सिंह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव में एनडीए (NDA) और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर मानी जा रही है. इस बयान ने बिहार के चुनावी माहौल को और गरमा दिया है.













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