Congress Letter Row: गुलाम नबी आजाद ने फिर पार्टी की कार्यशैली पर उठाए सवाल, कहा- चुनाव नहीं हुआ तो 50 साल तक विपक्ष में बैठेगी कांग्रेस
कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने एक बार फिर पार्टी के कामकाज पर असहमति जाहिर की है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर कहा कि इस फैसले पर पार्टी में एक प्रतिशत भी समर्थन नहीं हो सकता है.
नई दिल्ली: कांग्रेस (Congress) के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने एक बार फिर पार्टी के कामकाज पर असहमति जाहिर की है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर कहा कि इस फैसले पर पार्टी में एक प्रतिशत भी समर्थन नहीं हो सकता है. गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस कार्यसमिति और राज्य प्रमुखों, जिला अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों जैसे प्रमुख संगठनात्मक पदों के लिए चुनाव की वकालत की. साथ ही कहा कि जो भी इसका विरोध करते है, उन्हें अपने पदों को खोने का डर है.
कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे गए असहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले राज्यसभा सदस्य गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर निर्वाचित निकाय पार्टी का नेतृत्व नहीं करती है तो कांग्रेस अगले 50 वर्षों तक विपक्ष में बैठी रहेगी. उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के बैठक के तीन दिन बाद की गई है. दरअसल सीडब्ल्यूसी ही कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है. जिसने बैठक में एक प्रस्ताव पारित किया और सोनिया गांधी से कांग्रेस का नेतृत्व करने के लिए अनुरोध किया, जब तक एआईसीसी (All India Congress Committee) सत्र नहीं बुलाया जाता है. गांधी परिवार के बाहर का अध्यक्ष मंजूर नहीं: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से दिग्गज नेता ने कहा "जब आप चुनाव लड़ते हैं तो कम से कम 51 प्रतिशत आपके साथ होते हैं और आप पार्टी के भीतर केवल 2 से 3 लोगों के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं. एक व्यक्ति जिसे 51 प्रतिशत वोट मिलेंगे, अन्य को 10 या 15 प्रतिशत वोट मिलेंगे. जो व्यक्ति जीतता है और पद पता है, इसका मतलब है कि 51 प्रतिशत लोग उसके साथ हैं. जब आप चुनाव लड़ते हैं, तो कम से कम 51 प्रतिशत आपकी पार्टी आपके साथ होती है. अभी, प्रेसिडेंट बनने वाले व्यक्ति के पास एक प्रतिशत समर्थन भी नहीं हो सकता है. यदि सीडब्ल्यूसी सदस्य चुने जाते हैं, तो उन्हें हटाया नहीं जा सकता. तो समस्या क्या है."
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने चुनावों का विरोध कर रहे नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा जो लोग वफादारी का दावा कर रहे हैं, वे वास्तव में सस्ती राजनीति कर रहे हैं और पार्टी और राष्ट्र के हितों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि मेरी पार्टी अगले 50 वर्षों के लिए विपक्ष में रहना चाहती है, तो पार्टी के भीतर चुनाव की कोई आवश्यकता नहीं है. कांग्रेस को सक्रिय और मजबूत बनाना मेरा एकमात्र उद्देश्य है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 28, 2020 09:04 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

