Former Jammu And Kashmir Governor Satyapal Malik Dies: देश के वरिष्ठ नेता और कई राज्यों के राज्यपाल रह चुके सत्यपाल मलिक का निधन हो गया है. वह 79 साल के थे और पिछले कुछ समय से किडनी से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे थे. दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. सत्यपाल मलिक का जन्म उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में हुआ था और वह एक जाट समुदाय के कद्दावर नेता माने जाते थे. उनकी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत छात्र राजनीति से हुई थी. साल 1974 में वह चौधरी चरण सिंह की भारतीय क्रांति दल से विधायक बने थे. इसके बाद उन्होंने कई बड़े दलों का सफर तय किया.
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन
Former J&K Governor Satyapal Malik passes away at Delhi's Ram Manohar Lohia Hospital after a prolonged illness, confirms his PS, KS Rana. pic.twitter.com/4fwS7Z5Qv6
— ANI (@ANI) August 5, 2025
कई राज्यों में संभाल चुके थे राज्यपाल की जिम्मेदारी
राज्यसभा में भी उन्होंने बतौर सांसद काम किया. साथ ही अलीगढ़ से लोकसभा सांसद भी रहे. उनके राजनीतिक करियर में जनता दल, कांग्रेस, लोकदल और समाजवादी पार्टी जैसे कई दलों से जुड़ाव रहा. हर पार्टी में उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं. साल 2017 में उन्हें बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया.
कुछ समय के लिए ओडिशा का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहा. 2018 में केंद्र सरकार ने उन्हें जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनाया.
अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान भी थे राज्यपाल
यही वह समय था जब केंद्र ने अनुच्छेद 370 हटाकर जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था. सत्यपाल मलिक उस ऐतिहासिक बदलाव के दौरान राज्यपाल के पद पर थे.
उनके कार्यकाल में ही जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 40 से ज्यादा CRPF जवान शहीद हुए थे. इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और देश की राजनीति में एक अहम मोड़ आया था.
बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते थे मलिक
जम्मू-कश्मीर के बाद सत्यपाल मलिक को गोवा और फिर मेघालय का राज्यपाल बनाया गया. अपने बेबाक बयानों और सधी हुई राजनीतिक सोच के लिए वह हमेशा चर्चा में रहे. उन्होंने कभी भी सत्ता पक्ष या विपक्ष से डरकर बयान देने से परहेज नहीं किया.
सत्यपाल मलिक का राजनीतिक सफर जितना लंबा रहा, उतना ही प्रभावशाली भी. उनके निधन से भारतीय राजनीति में एक खालीपन आ गया है जिसे भरना मुश्किल होगा.













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