Farmers Protest: बीजेपी की हाईलेवल मीटिंग में निर्णय- तीनों कानूनों को मजबूती से डिफेंड करेगी पार्टी, किसानों का जुटाएगी समर्थन
गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गुरुवार को भाजपा मुख्यालय पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में सितंबर में बने तीनों कृषि कानूनों को मजबूती से डिफेंड करने के साथ किसानों का समर्थन जुटाने का निर्णय लिया गया. कहा गया कि विपक्ष और कुछ संगठनों की ओर से फैलाए गए भ्रम को दूर करते हुए तीनों कानूनों का पार्टी कार्यकर्ताओं को मजबूती से बचाव करने के लिए लगातार अभियान चलाना चाहिए. जब देश भर के किसान हकीकत से रूबरू होंगे तो भ्रम दूर होगा, जिससे आंदोलन का असर कम होगा. इस बैठक में किसानों के बीच जनसंपर्क अभियान में और तेजी लाने पर जोर दिया गया. गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में भाजपा मुख्यालय पर दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से महासचिवों और अन्य पदाधिकारियों के साथ मीटिंग शुरू हुई.
नई दिल्ली, 17 दिसंबर. गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गुरुवार को भाजपा मुख्यालय पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में सितंबर में बने तीनों कृषि कानूनों को मजबूती से डिफेंड करने के साथ किसानों का समर्थन जुटाने का निर्णय लिया गया. कहा गया कि विपक्ष और कुछ संगठनों की ओर से फैलाए गए भ्रम को दूर करते हुए तीनों कानूनों का पार्टी कार्यकर्ताओं को मजबूती से बचाव करने के लिए लगातार अभियान चलाना चाहिए. जब देश भर के किसान हकीकत से रूबरू होंगे तो भ्रम दूर होगा, जिससे आंदोलन का असर कम होगा. इस बैठक में किसानों के बीच जनसंपर्क अभियान में और तेजी लाने पर जोर दिया गया. गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेल मंत्री पीयूष गोयल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में भाजपा मुख्यालय पर दोपहर बाद साढ़े तीन बजे से महासचिवों और अन्य पदाधिकारियों के साथ मीटिंग शुरू हुई. इस बैठक में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान संगठनों के साथ अब तक चली बातचीत में उठे मुद्दों की जानकारी दी. उन्होंने किसान आंदोलन के विभिन्न पहलुओं पर सभी को अवगत कराया. किसान आंदोलन हल होने की राह में कुछ किसान संगठनों की ओर से उत्पन्न चुनौतियों की भी जानकारी दी.
पार्टी सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि मंत्रियों और भाजपा के संगठन पदाधिकारियों के बीच तय हुआ कि जनता के बीच तीनों कृषि कानूनों को मजबूती से डिफेंड करने की जरूरत है. किसान संगठनों की ओर से सुझाए गए जरूरी प्रस्ताव पर सरकार अमल करेगी, लेकिन तीनों कानूनों को निरस्त करने की मांग पर कोई विचार नहीं होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप देश भर में किसानों और आम जनता के बीच तीनों कृषि कानूनों की सही जानकारी देने के लिए चल रहे अभियान को और तेज करने पर मंथन हुआ. यह भी पढ़ें-Farmers Protest: पीएम मोदी ने किसानों से कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का पत्र पढ़ने का किया आग्रह, देश की जनता से की ये अपील
किसानों का समर्थन जुटाएगी पार्टी-
बीजेपी मुख्यालय पर हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में कहा गया कि अनेक किसान संगठनों ने तीनों कृषि कानूनों का समर्थन किया है. ऐसे में कानूनों के बारे में देश भर में सही जानकारी दिए जाने पर धीरे-धीरे और किसानों का समर्थन सरकार को मिलेगा. भाजपा कार्यकर्ताओं को किसानों के बीच जाकर समर्थन जुटाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई.
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "कई किसान संगठनों ने कृषि सुधारों का स्वागत किया है. किसानों ने नए कानूनों का लाभ भी उठाना शुरू कर दिया है. पार्टी को महसूस हुआ है कि कानूनों को लेकर फैले भ्रम का मजबूती से काउंटर करना होगा. हम किसानों के बीच जाकर उन्हें बताएंगे कि एमएसपी पर सरकारी खरीद पहले से ज्यादा हो रही है. खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ा रही है. पिछले छह साल में एमएसपी के जरिए दोगुनी राशि किसानों के खाते में भेजी है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत छह हजार रुपये सालाना दिए जा रहे हैं. एक लाख करोड़ रुपये का कृषि इंफ्रस्ट्रक्चर फंड भी बनाया गया है."
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2020 09:33 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

