क्या PM मोदी ने ट्रंप को फोन पर दो टूक जवाब दिया? कहा, 'पाकिस्तान के कहने पर हुआ था सीजफायर, भारत को किसी की मध्यस्थता की जरूरत नहीं'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 17 जून को हुई एक अहम फोन कॉल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है.
India US Relations 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 17 जून को हुई एक अहम फोन कॉल को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बातचीत में पीएम मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप के ‘शांति मध्यस्थता’ के दावे को सख्ती से खारिज किया और साफ कर दिया कि भारत किसी तीसरे देश की भूमिका को कभी स्वीकार नहीं करेगा. यह बातचीत उस समय हुई जब ट्रंप ने G7 समिट से अचानक निकलने के बाद बार-बार यह दावा करना शुरू किया था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने में अहम भूमिका निभाई है. इससे नई दिल्ली में बेचैनी बढ़ गई थी.
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'पाकिस्तान की पहल पर हुआ था सीजफायर'
मोदी ने ट्रंप को दो टूक शब्दों में बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर बातचीत पाकिस्तान की पहल पर हुई थी और भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने ही शांतिवार्ता की पेशकश की थी. भारत और पाकिस्तान के बीच हुई बातचीत पूरी तरह द्विपक्षीय थी और इसमें किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं थी. मोदी ने यह भी साफ किया कि भारत की नीति हमेशा से यही रही है कि कश्मीर एक आंतरिक मामला है और इसमें बाहरी दखल की कोई जरूरत नहीं.
कूटनीतिक अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह कॉल तब और जरूरी हो गई जब भारत को यह पता चला कि ट्रंप अगले दिन पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को व्हाइट हाउस में लंच पर बुलाने वाले हैं. भारत को पाकिस्तान की सिविल सरकार से बातचीत पर ऐतराज नहीं है, लेकिन जिस सेना पर भारत आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाता है, उसके प्रमुख को बुलाना भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक अपमान माना गया.
'PM मोदी और ट्रंप के बीच सीधी बातचीत नहीं'
ट्रंप शायद पीएम मोदी और मुनीर के बीच सीधी मुलाकात कराने की कोशिश में थे, लेकिन मोदी ने यूरोप दौरे से लौटते समय व्हाइट हाउस का दौरा करने से मना कर दिया और इसका कारण क्रोएशिया में पहले से तय कार्यक्रम बताया. इसके बाद भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव और बढ़ गया. ट्रंप ने भारत को लेकर कई तीखे बयान दिए, जिसमें ऊंचे टैरिफ, व्यापार नीतियों और रूस से संबंधों पर सवाल उठाए.
मोदी और ट्रंप के बीच कभी जो गर्मजोशी भरा रिश्ता था, वह कॉल के बाद से ठंडा पड़ गया और तब से दोनों नेताओं के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है.
अब भी अपने पुराने दावे क्यों दोहरा रहे ट्रंप?
हालांकि ट्रंप अब भी अपने पुराने दावे दोहराते रहते हैं. 3 अगस्त को उन्होंने फिर से कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था, साथ ही अफ्रीका और ईरान जैसे मुद्दों पर भी अपनी ‘उपलब्धियां’ गिनाईं.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 08, 2025 06:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

