कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य सरकारों पर बोला हमला, कहा- श्रमिकों का शोषण नहीं किया जा सकता
कई राज्यों द्वारा कोविड-19 लॉकडाउन के मद्देनजर आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए श्रम कानूनों में संशोधन किए जाने पर कांग्रेस ने राज्य सरकारों पर हमला बोला और कहा कि श्रमिकों का शोषण नहीं किया जा सकता है. उन्होंने फेसबुक पर बदलावों की घोषणा की.
नई दिल्ली, 11 मई: कई राज्यों द्वारा कोविड-19 (Covid-19) लॉकडाउन के मद्देनजर आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू करने के लिए श्रम कानूनों में संशोधन किए जाने पर कांग्रेस (Congress) ने राज्य सरकारों पर हमला बोला और कहा कि श्रमिकों का शोषण नहीं किया जा सकता है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने सोमवार को ट्वीट किया, "अनेक राज्यों द्वारा श्रमकानूनों में संशोधन किया जा रहा है. हम कोरोना के खिलाफ मिलकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन यह मानवाधिकारों को रौंदने, असुरक्षित कार्यस्थलों की अनुमति देने, श्रमिकों के शोषण और उनकी आवाज दबाने का बहाना नहीं हो सकता. इन मूलभूत सिद्धांतों पर कोई समझौता नहीं हो सकता."
यह मुद्दा प्रवासी मजदूरों के मुद्दे के बाद सरकार और विपक्ष के बीच एक और टकराव का कारण बन सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार ने 8 मई को एक अध्यादेश को अंतिम रूप दिया जिसमें राज्य में अधिकांश श्रम कानूनों को तीन साल के लिए निलंबित कर दिया गया. राज्य मंत्रिमंडल ने श्रम कानूनों के अध्यादेश से उत्तर प्रदेश अस्थायी छूट को मंजूरी दे दी थी, जिससे राज्य में 30 से अधिक श्रम कानून निलंबित हो गए.
यह भी पढ़ें: पुरुषों के रक्त में कोरोना वायरस से प्रभावित होने वाले अणुओं की संख्या ज्यादा : अध्ययन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था कि उत्तर प्रदेश नए निवेशों को, खासकर चीन से आकर्षित करने के लिए श्रम कानूनों में संशोधन करेगा. सूत्रों के अनुसार, श्रम विभाग में 40 से अधिक प्रकार के श्रम कानून हैं, जिनमें से कुछ अब निर्थक हैं. अध्यादेश के तहत उनमें से लगभग आठ को बरकरार रखा जा रहा है. इसी तरह, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में आर्थिक गतिविधि को प्रोत्साहित करने के लिए श्रम कानूनों में व्यापक बदलाव की घोषणा की थी. उन्होंने फेसबुक पर बदलावों की घोषणा की.
उन्होंने कहा था कि राज्य उद्योगों में कुछ प्रमुख रियायतें देने और कारखाने के मालिकों और श्रमिकों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इस अभिनव पहल की शुरुआत करने वाला देश का पहला राज्य होगा. चूंकि, श्रम एक समवर्ती विषय है, राज्य अपने स्वयं के कानून बना सकते हैं, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए केंद्र की मंजूरी की आवश्यकता होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2020 03:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

