नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सलाहकार सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) द्वारा दिए गए बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है. लगातार उनके इस बयान की आलोचना हो रही है. सैम (Sam Pitroda) ने 1984 दंगे पर दिए बयान पर शुक्रवार को सफाई भी दी. पित्रोदा ने ट्वीट किया कि उस वक्त सिख भाइयों और बहनों को हुए दर्द को महसूस कर सकता हूं. भाजपा (BJP) मेरे इंटरव्यू के तीन शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है. वे हमें बांटना और अपनी नाकामियों को छिपाना चाहते हैं.
दूसरी तरफ 1984 के सिख दंगों को लेकर सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) द्वारा दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने बयान जारी कर सफाई दी है. बयान में कांग्रेस (Congress) ने कहा है, “हम 1984 दंगों के पीड़ितों की न्याय की मांग का समर्थन करते हैं. इसके विरोध में सैम पित्रोदा (Sam Pitroda) या किसी भी व्यक्ति की कोई भी टिप्पणी कांग्रेस पार्टी की राय नहीं है.”
Congress party issues statement over Sam Pitroda's remark on 1984 anti-Sikh riots. States, '...We continue to support the quest for justice for 1984 riot victims. Any opinion remark made by any individual to the contrary including Sam Pitroda is not the opinion of Congress party' pic.twitter.com/Yd1rxfYCYe
— ANI (@ANI) May 10, 2019
कांग्रेस ने आगे कहा कि “हम चाहते हैं कि 1984 दंगे की पीड़ितों के साथ-साथ 2002 गुजरात दंगों के पीड़ितों के साथ भी न्याय होना चाहिए. हम हर तरह की हिंसा के खिलाफ हैं, चाहे वो किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ हो.”
Congress: We believe that justice should be done to 1984 riots victims as also to 2002 Gujarat riots victims. We abhor violence of any kind, against any person or a group of people based on their caste, colour, region or religion. This is the essence of India. https://t.co/6GAfjnEqS7
— ANI (@ANI) May 10, 2019
गौरतलब है कि पित्रोदा ने गुरुवार को कहा था कि अब क्या है 84 का? आपने (नरेंद्र मोदी) पांच साल में क्या किया, उसकी बात करिए. 84 में जो हुआ, वो हुआ. मोदी ने कल दिल्ली की रैली में कहा था कि कांग्रेस आजकल अचानक न्याय की बात करने लगी है. कांग्रेस को बताना पड़ेगा कि 1984 के दंगों का हिसाब कौन देगा?













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