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कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया

कांग्रेस ने रविवार को चुनाव आयोग के पास एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 30 अक्टूबर को पांच विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले नई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा कर आचार संहिता का खुले तौर पर उल्लंघन किया है.

कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया

गुवाहाटी, 25 अक्टूबर: कांग्रेस (Congress) ने रविवार को चुनाव आयोग के पास एक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें दावा किया गया कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने 30 अक्टूबर को पांच विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले नई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा कर आचार संहिता का खुले तौर पर उल्लंघन किया है. चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि वे आरोपों की जांच कर रहे हैं. यह भी पढ़े: Chhattisgarh: कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं में मारपीट, देखें हंगामे का वायरल वीडियो

कांग्रेस के राज्य के मुख्य प्रवक्ता बोबीता शर्मा ने कहा कि राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी नितिन खाड़े को एक ज्ञापन सौंपा गया था और पार्टी के पास कई वीडियो सबूत हैं जो सरमा की नई घोषणाओं को दिखाते हैं. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने सीईओ को लिखे पत्र में कहा कि सरमा ने मरियानी के 40 चाय बागानों के लिए कई नई घोषणाएं की हैं, प्रत्येक बगीचे के लिए 1 करोड़ रुपये के पैकेज के साथ, इस प्रकार 40 करोड़ रुपये जुटाने का वादा किया है.

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रत्येक चाय बागान को जल जीवन मिशन में शामिल करने, बागानों में 10 नए हाई स्कूल, महिला चाय श्रमिकों के स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता और चाय बागानों के आकस्मिक मजदूरों को मनरेगा योजना में शामिल करने का भी वादा किया. शिकायत में कहा गया है कि सरमा ने थावरा विधानसभा सीट पर एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए निर्वाचन क्षेत्र में नदियों पर दो पुल बनाने की भी घोषणा की.

बोरा ने अपने पत्र में कहा, "मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि यदि कोई मौजूदा विपक्षी विधायक भाजपा में शामिल होता है तो वह अपने निर्वाचन क्षेत्र में 2,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं देंगे. यह भारत के संविधान के सिद्धांतों का एक चौंकाने वाला उल्लंघन है. हर विधायक, चाहे वह सत्ता में हो या विपक्ष में, अपना विकास कोष पाने का हकदार है.

गोसाईगांव, तामुलपुर, मरियानी, थौरा और भवानीपुर में 30 अक्टूबर को उपचुनाव होगा. ये सीटें इसलिए खाली हुईं, क्योंकि युनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के दो मौजूदा विधायकों का कोविड से निधन हो गया था, जबकि कांग्रेस के दो और ऑल इंडिया युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के एक विधायक विधानसभा की सदस्यता छोड़ने के बाद सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल हो गए थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 25, 2021 09:37 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).