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महाराष्ट्र: 'सबके फोन पर नजर है'... BJP नेता बावनकुले के 'सर्विलांस' वाले बयान पर मचा बवाल, संजय राउत ने कहा- 'तुरंत गिरफ्तार करो'

महाराष्ट्र के बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव से पहले उनके फोन और व्हाट्सएप पर निगरानी रखी जा रही है. इस बयान पर बवाल मच गया और शिव सेना (UBT) के संजय राउत ने इसे 'राष्ट्र-विरोधी' बताते हुए बावनकुले की गिरफ्तारी की मांग कर दी. हालांकि, बाद में बावनकुले ने सफाई देते हुए कहा कि उनका मतलब पार्टी के अपने 'वॉर रूम' से था, न कि सरकारी जासूसी से.

महाराष्ट्र: 'सबके फोन पर नजर है'... BJP नेता बावनकुले के 'सर्विलांस' वाले बयान पर मचा बवाल, संजय राउत ने कहा- 'तुरंत गिरफ्तार करो'
चंद्रशेखर बावनकुले ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव से पहले उनके फोन और व्हाट्सएप पर निगरानी रखी जा रही है. (Photo : X)

Chandrashekhar Bawankule WhatsApp Surveillance Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बयान से तूफान आ गया है. यह बयान दिया है राज्य के राजस्व मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने. गुरुवार को भंडारा में एक दिवाली मिलन समारोह में, बावनकुले ने अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा कि आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों से पहले उनके मोबाइल फोन और व्हाट्सएप ग्रुप पर नजर रखी जा रही है. उन्होंने कार्यकर्ताओं को 'लापरवाही' भरी बातें करने या किसी भी तरह की बगावत से बचने की सख्त चेतावनी दी.

जैसे ही यह खबर बाहर आई, राजनीतिक बवाल मच गया. शिव सेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बावनकुले की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए आरोप लगाया कि इसी तरह विपक्षी नेताओं के फोन भी टैप किए जा रहे हैं. हालांकि, शुक्रवार को बावनकुले ने अपने बयान पर सफाई भी पेश की.

बावनकुले ने कार्यकर्ताओं को क्या चेतावनी दी?

भंडारा में पार्टी नेताओं के सामने बोलते हुए बावनकुले ने कहा, "सभी के मोबाइल फोन और व्हाट्सएप ग्रुप सर्विलांस (निगरानी) पर हैं. आप जो भी शब्द बोलते हैं, उसकी निगरानी हो रही है. आपके फोन का एक गलत बटन अगले पांच साल बर्बाद कर सकता है." इस कार्यक्रम में बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे.

बावनकुले ने यह भी साफ किया कि टिकट बंटवारे को लेकर होने वाली नाराजगी को सार्वजनिक तौर पर नहीं दिखाना चाहिए या अनुशासनहीनता नहीं करनी चाहिए. उन्होंने कहा, "कभी-कभी टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ता या पदाधिकारी हंगामा करते हैं या गुस्सा जाहिर करते हैं. लेकिन अब, अगर कोई बगावत करता है, तो नेतृत्व के दरवाजे उनके लिए बंद हो जाएंगे."

उन्होंने पार्टी सदस्यों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा, "आपकी एक गलती या असंतोष भरा बयान शहर और बीजेपी, दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है."

संजय राउत भड़के, कहा- 'केस दर्ज करो'

मंत्री के इस बयान पर शिव सेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने जोरदार हमला बोला. राउत ने मांग की, "चंद्रशेखर बावनकुले के खिलाफ इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत केस दर्ज होना चाहिए और उन्हें तुरंत गिरफ्तार करके पूछताछ होनी चाहिए. क्या उन्होंने खुद पेगासस (Pegasus) जैसी कोई निगरानी मशीन खरीदी है, उसे बीजेपी दफ्तर में लगाया है, या इसके लिए प्राइवेट एजेंटों को काम पर रखा है?"

राउत ने आरोप लगाया कि यह मामला सिर्फ बीजेपी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र में कई विपक्षी नेताओं के फोन टैप किए जा रहे हैं और उनके व्हाट्सएप मैसेज मॉनिटर किए जा रहे हैं. बावनकुले ने खुद यह बात कही है."

राउत ने यह भी आरोप लगाया कि बावनकुले, रवींद्र चव्हाण, मुंबई के कुछ बिल्डरों और नागपुर के कुछ नेटवर्कों ने मिलकर एक 'वॉर रूम' बनाया है, जहां से (शिवसेना के) शिंदे गुट के नेताओं के फोन भी सर्विलांस पर हैं.

उन्होंने शरद पवार, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, अजित पवार और यहां तक कि पत्रकारों के भी सर्विलांस पर होने का आरोप लगाया. राउत ने इस बयान को "बेहद गंभीर और संभावित रूप से राष्ट्र-विरोधी काम" बताया.

राउत ने 2019 का जिक्र करते हुए कहा कि पिछली बीजेपी सरकार के दौरान भी फोन टैपिंग हुई थी. उन्होंने कहा, "इस बयान से पुष्टि होती है कि निगरानी आज भी जारी है."

बवाल के बाद बावनकुले की सफाई

अपने बयान पर मचे बवाल के बाद चंद्रशेखर बावनकुले ने शुक्रवार को सफाई दी. उन्होंने कहा, "मैंने वह बयान कल बीजेपी कार्यकर्ताओं की मीटिंग में दिया था. हमारे पार्टी कार्यकर्ता जो काम करते हैं, जो कमेंट करते हैं, व्हाट्सएप पर उनकी प्रतिक्रियाओं की समीक्षा हमारे पार्टी के वॉर रूम के जरिए की जाती है. चुनाव के समय सभी पार्टी की गतिविधियों में योगदान देते हैं."

उन्होंने आगे कहा, "हमारा ध्यान यह पक्का करने पर होता है कि पार्टी द्वारा सौंपा गया काम प्रभावी ढंग से किया जा रहा है या नहीं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की योजनाओं पर हम नजर रखते हैं, 'नजर रखने' से मेरा यही मतलब था."

संजय राउत की गिरफ्तारी की मांग पर बावनकुले ने कहा, "संजय राउत कौन होते हैं हमें बताने वाले कि हम अपनी पार्टी कैसे चलाएं? उन्हें इतनी मिर्ची क्यों लग रही है? हम अपनी पार्टी में कार्यकर्ताओं से व्हाट्सएप के जरिए नियमित रूप से बात करते हैं और विचारों का आदान-प्रदान करते हैं. मैंने इसी संदर्भ में अपनी बात कही थी."

क्यों हो रहा है यह सब?

यह पूरा विवाद ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में लंबे समय से रुके हुए स्थानीय निकाय चुनाव होने वाले हैं. इनमें नगर निगम, नगर परिषद, जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव शामिल हैं. ये चुनाव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण और चुनावी सीमाओं के मुद्दों के कारण कई सालों से अटके हुए थे.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 25, 2025 10:48 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).