चमकी बुखार का कहर: बिहार में मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर हुई 128
बिहार में ‘चमकी' बुखार से मरनेवाले बच्चों की संख्या बुधवार को बढ़कर 128 हो गयी. इसके साथ ही लू की चपेट में आने से मारनेवालों की संख्या बढ़ कर 90 हो गयी है. जानकारी के अनुसार, चमकी बुखार एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) को कहा जा रहा है. बुधवार को एईएस से मरनेवालों की संख्या 112 से बढ़ कर 128 हो गयी है.
पटना. बिहार (Bihar) में ‘चमकी' बुखार से मरनेवाले बच्चों की संख्या बुधवार को बढ़कर 128 हो गयी. इसके साथ ही लू की चपेट में आने से मारनेवालों की संख्या बढ़ कर 90 हो गयी है. जानकारी के अनुसार, चमकी बुखार एक्यूट इन्सेफ्लाइटिस सिंड्रोम (एईएस) को कहा जा रहा है. बता दें कि भारी संख्या में पीड़ित बच्चों के साथ अभिभावक इन दोनों अस्पतालों में पहुंच रहे है, जहां अभिभावकों की ओर से अस्पताल में ओआरएस समेत अन्य सुविधाओं की कमी की बात बतायी जा रही है. बुधवार को एईएस (AES) से मरनेवालों की संख्या 112 से बढ़ कर 128 हो गयी है.
बता दें कि बिहार (Bihar) में चमकी बुखार का कहर मौत बनकर टूट रहा है. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मौतों का सिलसिला शुरू होने के 20 दिन बाद मंगलवार को मुजफ्फरपुर का दौरा किया. यह भी पढ़े-बिहार में मासूमों पर चमकी बुखार का कहर जारी: मौत का आंकड़ा 112 के पार, केजरीवाल सरकार ने बढाया मदद का हाथ
Bihar Integrated Disease Surveillance Programme (IDSP): Death toll due to Acute Encephalitis Syndrome (AES) is 128 in Bihar. pic.twitter.com/xKDwUv6UFA
— ANI (@ANI) June 19, 2019
आपदा प्रबंधन विभाग के नियंत्रण कक्ष से बुधवार को प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रदेश में लू लगने से अब तक 90 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से औरंगाबाद जिले में 41, गया में 35 और नवादा में 14 लोगों की मौत हुई है.
गौरतलब हो कि इस मौसम में पिछले दो दशकों से यह बीमारी मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) सहित राज्य के कई इलाकों में होती है, जिसके कारण अब तक कई बच्चे असमय काल के गाल में समा चुके हैं. परंतु अब तक सरकार इस बीमारी से लड़ने के कारगर उपाय नहीं ढूढ़ पाई है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 19, 2019 08:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

