पालघर मॉब लिंचिंग: महाराष्ट्र सरकार ने मामले की जांच सीआईडी को सौंपी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) द्वारा पालघर मॉब लिंचिंग मामले में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जानकारी देने के कुछ ही घंटों बाद राज्य सरकार ने सोमवार को इसकी जांच आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी

मॉब लिंचिंग (Photo Credits: IANS)

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) द्वारा पालघर मॉब लिंचिंग मामले में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जानकारी देने के कुछ ही घंटों बाद राज्य सरकार ने सोमवार को इसकी जांच आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को सौंप दी.  ठाकरे ने सोमवार को दोपहर में राज्य के नाम अपने संबोधन में कहा कि अब तक पांच मुख्य आरोपी और 9 नाबालिगों सहित 100 अन्य सह-आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

नासिक से सूरत जा रहे दो 'साधुओं' और उनके चालक को पुलिस की मौजूदगी के बीच 16 अप्रैल की रात गडचिनचले गांव के बाहर 200 लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और कहा कि वे लुटेरे या बच्चों के अपहरणकर्ता थे. अगली सुबह पीड़ितों की पहचान जूना अखाड़े के चिकने महाराज कल्पवृक्ष गिरि, 70, सुशीलगिरि महाराज, 30, और उनके चालक 30 वर्षीय नीलेश तेलवडे के रूप में की गई. यह भी पढ़े: महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान- पालघर मोब लिंचिंग में नहीं है सांप्रदायिक एंगल, दोषियों को बख्शेंगे नहीं

ठाकरे ने कहा, "यह घटना 16 अप्रैल की रात को पालघर शहर से करीब 110 किलोमीटर दूर, गडचिनचले गांव में, केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर-हवेली सीमा पर हुई। वयस्क आरोपी पुलिस की हिरासत में हैं, वहीं नाबालिगों को किशोर सुधार गृह भेजा गया है।"

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