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अगर बात नहीं बनी तो हो सकती है 'खुली जंग', पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को दी धमकी

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर इस्तांबुल में अफगानिस्तान के साथ चल रही शांति वार्ता सफल नहीं हुई, तो दोनों देशों के बीच "खुली जंग" छिड़ सकती है. उन्होंने कहा कि बातचीत विफल होने पर पाकिस्तान के पास यह एक विकल्प खुला है. दोनों देशों के बीच सीमा पर चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए तुर्की और कतर की मध्यस्थता में यह महत्वपूर्ण वार्ता चल रही है.

अगर बात नहीं बनी तो हो सकती है 'खुली जंग', पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को दी धमकी
(Photo : X)

पाकिस्तान और उसके पड़ोसी अफगानिस्तान के बीच तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. अब तो बात यहां तक पहुंच गई है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने एक बड़ी और सख्त चेतावनी दे दी है. उनका कहना है कि अगर इस्तांबुल में चल रही शांति वार्ता टूट जाती है, तो काबुल (अफगानिस्तान) के साथ 'खुली जंग' (Open War) हो सकती है.

रक्षा मंत्री का सख्त बयान

एक टीवी चैनल पर बात करते हुए आसिफ ने साफ-साफ कहा, "हमारे पास यह विकल्प है कि अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो हम उनके साथ खुली जंग लड़ें. लेकिन मैंने देखा कि वे (अफगानिस्तान) शांति चाहते हैं."

रक्षा मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दोनों पड़ोसी देशों के बीच कुछ दिनों से मामूली शांति बनी हुई है.

तनाव की शुरुआत और कारण

यह सारा तनाव अक्टूबर की शुरुआत में तब शुरू हुआ जब तालिबान के विदेश मंत्री आमिर मुत्ताकी के भारत दौरे के तुरंत बाद काबुल में धमाके हुए. इसके जवाब में, तालिबान बलों ने पाकिस्तान की दक्षिणी सीमा पर हमले किए, जिससे दोनों पक्षों के बीच कई दिनों तक दुश्मनी चली.

पहले दोनों देशों के बीच 48 घंटे के संघर्ष-विराम (truce) पर सहमति बनी थी, लेकिन काबुल ने इस्लामाबाद पर इसे तोड़ने और फिर से हमला करने का आरोप लगाया, जिसमें दोनों तरफ से कई आम नागरिक मारे गए थे.

वहीं, पाकिस्तानी अधिकारियों का तर्क था कि अफगान सीमा क्षेत्रों में उन्होंने जो हमले किए, वे पाकिस्तानी तालिबान से जुड़े एक आतंकवादी समूह को निशाना बनाने के लिए थे. पाकिस्तान ने यह कार्रवाई अपने अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) पर हुए एक हमले के जवाब में की थी.

बातचीत से सुलझने की उम्मीद

खैर, तुर्की (Turkey) और कतर (Qatar) की मध्यस्थता (Mediation) के कारण, इस समय दोनों देशों के अधिकारी बातचीत में लगे हुए हैं. उम्मीद है कि यह बातचीत चल रहे तनाव को खत्म करके इस क्षेत्र में शांति बहाल कर पाएगी. देखना यह है कि यह शांति वार्ता खुली जंग की चेतावनी को टाल पाती है या नहीं.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 26, 2025 08:27 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).