नीरव मोदी को लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट से नहीं मिली राहत, न्यायिक हिरासत 22 अगस्त तक बढ़ी
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट से राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने नीरव मोदी की न्यायिक हिरासत 22 अगस्त तक बढ़ा दी है. मामले की अगली सुनवाई भी अब 22 अगस्त को ही होगी. नीरव मोदी को मार्च में लंदन में गिरफ्तार किया गया था और वह तब से वैंड्सवर्थ की एक जेल में बंद है.
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) को लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट (London's Westminster Court) से राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने नीरव मोदी की न्यायिक हिरासत 22 अगस्त तक बढ़ा दी है. मामले की अगली सुनवाई भी अब 22 अगस्त को ही होगी. इससे पहले जून महीने में ब्रिटेन की एक अदालत ने नीरव मोदी की न्यायिक हिरासत 25 जुलाई तक बढ़ाई थी. नीरव मोदी करीब दो अरब डॉलर की पीएनबी धोखाधड़ी (PNB Scam) और धनशोधन मामले में भारत (India) में वांछित है. 48 साल के नीरव मोदी को इस साल मार्च महीने में लंदन में गिरफ्तार किया गया था और वह तब से वैंड्सवर्थ की एक जेल में बंद है.
नीरव मोदी के खिलाफ पिछले साल मई और जुलाई में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था. इसके बाद अगस्त, 2018 में ब्रिटेन के अधिकारियों से नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए आग्रह किया गया था. इससे पहले दो जुलाई को सिंगापुर उच्च न्यायालय ने एक भारतीय जांच एजेंसी की अर्जी पर अरबों रुपये की पंजाब नेशलन बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में आरोपी नीरव मोदी की बहन और बहनोई के वहां के बैंकों में जमा 44.41 करोड़ रुपये जब्त करने के आदेश दिए थे. यह भी पढ़ें- पीएनबी घोटाला: नीरव मोदी को बड़ा झटका, स्विट्जरलैंड में सीज हुए बैंक खाते
बता दें कि पीएनबी ने आरोप लगाया है कि नीरव मोदी व उसके संबंधी मेहुल चोकसी ने कुछ बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से 13,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. इसके बाद से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) व प्रवर्तन निदेशालय (ED) नीरव मोदी व मेहुल चोकसी की जांच कर रहे हैं.