NCRB Report: शहरों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 21 फीसदी की गिरावट आई
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि 2019 की तुलना में साल 2020 में शहरों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 21.1 फीसदी की गिरावट आई है. आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 35,331 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2019 में मामलों की संख्या 44,783 थी, जो 21.1 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है.
नई दिल्ली, 15 सितम्बर: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) (एनसीआरबी) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि 2019 की तुलना में साल 2020 में शहरों में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 21.1 फीसदी की गिरावट आई है. आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 35,331 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2019 में मामलों की संख्या 44,783 थी, जो 21.1 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है. यह भी पढ़े: Dabholkar Massacre: महाराष्ट्र अदालत ने पांच आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए
इसने यह भी खुलासा किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के 30.2 प्रतिशत मामले 'पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता' के तहत दर्ज किए गए , उसके बाद 19.7 प्रतिशत 'महिलाओं पर हमला करने के इरादे से, 19.0 प्रतिशत अपहरण और 7.2 प्रतिशत बलात्कार के मामले सामने आए है. दिल्ली में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या में पिछले साल 24.18 फीसदी की गिरावट आई है. 2020 में दर्ज किए गए मामलों की कुल संख्या 2019 में 12,902 से कम 9,782 थी. मुंबई ने महिलाओं के खिलाफ अपराध में भी कमी दर्ज की है क्योंकि पिछले साल 2019 में 6,519 मामलों की तुलना में 4,583 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि जयपुर में इसी अवधि के दौरान 3,417 के मुकाबले 2,369 मामले दर्ज किए गए थे. पिछले साल, बेंगलुरु में 2019 में 3,486 के मुकाबले 2,730 मामले दर्ज किए गए, जबकि हैदराबाद ने इसी अवधि में 2,755 से क म 2,390 मामले दर्ज किए.
लगभग सभी शहरों में घटती प्रवृत्ति के बावजूद, कोलकाता और लखनऊ में महिलाओं के खिलाफ अपराध में क्रमश: 35 और 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई. 2020 में, कोलकाता ने 2019 में 1,474 से अधिक 2,001 मामले दर्ज किए, जबकि लखनऊ में 2019 में 2,425 के मुकाबले 2,636 मामले दर्ज किए गए. 2020 में धारा 304 बी (आईपीसी) के तहत दहेज हत्या के मामलों के तहत, कुल 358 मामले दर्ज किए गए, जबकि दिल्ली में सबसे अधिक 109 मामले दर्ज किए गए, इसके बाद लखनऊ में 48 मामले दर्ज किए गए, जबकि कानपुर और जयपुर में क्रमश: 30 और 26 मामले दर्ज किए गए. 2020 में शहरों में धारा 498 ए (आईपीसी) के तहत पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के कुल 10,733 मामले दर्ज किए गए और दिल्ली में 2,570 मामलों के साथ सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई, इसके बाद हैदराबाद में 1,226 और जयपुर में 1,043 मामले दर्ज किए गए. 2020 में, धारा 336 के तहत शहरों में 5,599 महिलाएं अपहरण की शिकार हुईं, जबकि दिल्ली में 2,637 मामले दर्ज किए गए, इसके बाद बंगलुरु में 484 मामले और इंदौर में 335 मामले दर्ज किए गए.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2021 05:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

