Navy Day 2018: भारतीय नौसेना अब पहले से ज्यादा मुस्तैद, पलक झपकते ही दुश्मनों को कर देगी ढेर
नेवी डे के उपलक्ष्य में मीडिया से बात करते हुए वेस्टर्न नेवल कमांड चीफ़ गिरीश लूथरा ने कहा वेस्टर्न नेवल कमांड का यह गोल्डन जुबली ईयर है, हमने हर क्षेत्र में कदम बढ़ाए है. इसके साथ साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ी है. समुद्रीय व्यापार और समुद्रीय जहाजों की सुरक्षा के क्षेत्र में हमने कई कदम उठाए है जिसमे हमें काफी सफलता भी मिली हैं
Navy Day 2018: 1971 के युद्ध में भारतीय नौसेना के पूर्व कर्मियों के साहस एवं पराक्रम के कारण कराची पर निर्णायक विजय प्राप्त हुई थी तथा शत्रुओं के कई युद्धपोतों को ध्वस्त करके हमने समुद्र पर अपना प्रभुत्व स्थापित किया था. इसी महत्वपूर्ण उपलब्धि को याद करके भारतीय नौसेना द्वारा प्रति वर्ष दिसंबर के पहले सप्ताह के दौरान नौसेना सप्ताह तथा 04 दिसंबर को नौसेना दिवस मनाया जाता है. चार दिसंबर भारतीय नौसेना के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है जो समुद्र में शत्रुओं द्वारा किसी प्रकार के राष्ट्रविरोधी गतिविधि से देश की सुरक्षा के प्रति समर्पण का प्रतीक है.
हिंद महासागर क्षेत्र में भौगोलिक परिस्थितियां बदलने,उस पर पूरे विश्व समुदाय की नजर होने,इस क्षेत्र में हमेशा युद्ध की संभावना होने तथा शत्रुओं की तरफ से लगातार मिल रही चुनौतियों से समुद्र एवं समुद्रतटीय क्षेत्र के बारे में राष्ट्रीय दृष्टिकोण बदल गया है. आज,समुद्री सुरक्षा प्रमुख लक्ष्य है,तथा इससे राष्ट्रीय स्तर पर विकास को गति मिलती है. भारतीय नौसेना भारत की सामुद्रिक शक्ति का प्रमुख अंग है तथा वह समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षा प्रदान करने तथा राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
वहीं, सोमवार को नेवी डे के उपलक्ष्य में मीडिया से बात करते हुए वेस्टर्न नेवल कमांड चीफ़ गिरीश लूथरा ने कहा वेस्टर्न नेवल कमांड का यह गोल्डन जुबली ईयर है, हमने हर क्षेत्र में कदम बढ़ाए है. इसके साथ साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ी है. समुद्रीय व्यापार और समुद्रीय जहाजों की सुरक्षा के क्षेत्र में हमने कई कदम उठाए है जिसमे हमें काफी सफलता भी मिली हैं. सिविलियन्स के साथ बेहतर रिश्तों को बनाने में भी हमने कामयाबी हाशिल की हैं. सुरक्षा के लिहाज से समय समय पर एयर क्राफ्ट कैरियर विक्रमादित्य को भी समुद्रीय सुरक्षा के लिहाज से डिप्लॉय किया गया. गुजरात और महाराष्ट्र के समुद्रीय तटों की सुरक्षा के लिए पश्चिम लहर के नाम से एक्सरसाइज हाल ही में किये गए. क्योंकि सुरक्षा के लिहाज से काफी सवेदनशील इलाका माना जाता हैं. मदत नाम से भी हमने एक्सरसाइज किये जिसमें इमरजेंसी के दौरान जरूरत मंद को सहायता प्रदान किया गया. हाल ही में हमने विदेशी नौसेनाओं के साथ भी एक्सरसाइज किये.
उन्होंने आगे कहा 2008 आतंकी हमले के बाद से ही कोस्टल सुरक्षा को काफी चाक चौबंद की गई हैं. पिछले 10 सालों में इस क्षेत्र में इंटर जेन्सी के बीच सामस्या बेहतर हुआ हैं. जिससे कोस्टल सुरक्षा बहुत बेहतर हुआ हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 03, 2018 04:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

