Navi Mumbai International Airport Aerodrome Licence: नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनएमआईए) ने अपनी परिचालन यात्रा में एक बड़ा पड़ाव पार कर लिया है. नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरपोर्ट को एरोड्रोम लाइसेंस जारी कर दिया है. यह मंजूरी कड़े सुरक्षा और नियामक जांच के बाद दी गई है, जो व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत के लिए अनिवार्य है इसी मंजूरी के साथ, एयरपोर्ट का उद्घाटन 8 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों किया जाएगा.
इस लाइसेंस के साथ, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, मुंबई के व्यस्त एयरपोर्ट की भीड़ कम करने और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएगा. एयरपोर्ट के पहले चरण में एयर इंडिया एक्सप्रेस 20 दैनिक उड़ानें संचालित करेगी, जो नवी मुंबई को 15 भारतीय शहरों से जोड़ेगी. वहीं, इंडिगो भी इस नए हब से अपनी सेवाएं शुरू करने वाली पहली एयरलाइन होगी. यह भी पढ़े: Navi Mumbai Airport: इंतजार खत्म! पीएम मोदी 8 अक्टूबर को कर सकते है नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मेट्रो 3 लाइन का उद्घाटन
1,100 हेक्टेयर में फ़ैला है यह एयरपोर्ट
1,100 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस एयरपोर्ट में दो समानांतर रनवे हैं और पूरी क्षमता पर यह सालाना 9 करोड़ यात्रियों को संभाल सकेगा. भारत का पहला पूर्ण डिजिटल एयरपोर्ट होने का दावा करने वाला एनएमआईए, चेक-इन, सामान जांच, सुरक्षा और बोर्डिंग के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग कर यात्रियों की प्रक्रिया को तेज करेगा.
नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण पांच चरणों में किया जा रहा है. उद्घाटन चरण में यह सालाना 2 करोड़ यात्रियों (MPPA) और 0.5 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो को संभालेगा. पूरे निर्माण के बाद इसकी क्षमता बढ़कर सालाना 9 करोड़ यात्रियों और 3.2 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो हो जाएगी.
एरोड्रोम लाइसेंस क्या होता है?
एरोड्रोम लाइसेंस एक आधिकारिक अनुमति पत्र है, जो किसी देश के नागर विमानन प्राधिकरण (भारत में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन - डीजीसीए) द्वारा किसी हवाई अड्डे (एरोड्रोम) को जारी किया जाता है. यह लाइसेंस प्रमाणित करता है कि एयरपोर्ट सुरक्षा, संचालन और नियामक मानकों को पूरा करता है, जो व्यावसायिक उड़ानों या अन्य विमानन गतिविधियों के लिए आवश्यक है.













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