Gangster Shot Dead in Court: मुख्तार के करीबी गैंगस्टर संजीव जीवा माहेश्वरी की हत्या, हमलावर ने कोर्ट में घुस कर मारी गोली
घटना के बाद एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया है. वारदात को अंजाम देने वाले हमलावर की पहचान जौनपुर के केराकत निवासी विजय यादव के रूप में हुई है.
Gangster Sanjeev Jeeva Shot Dead in Lucknow Court: मुख्तार अंसारी के करीबी माफिया संजीव जीवा माहेश्वरी की लखनऊ में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई है. हमलावरों ने वारदात को कोर्ट परिसर में अंजाम दिया. ताबड़तोड़ फायिरंग में एक पुलिसकर्मी और एक बच्ची घायल हो गई है. कातिल वकील की ड्रेस पहनकर आए थे और उन्होंने कचहरी में घुसकर वारदात को अंजाम दिया है.
जीवा पर भाजपा नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या का आरोप था. इसके अलावा वह कई दूसरे मामलों में अभियुक्त था. घटनास्थल पर इस समय भारी पुलिस बल मौजूद है. घटना के बाद एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया है. वारदात को अंजाम देने वाले हमलावर की पहचान जौनपुर के केराकत निवासी विजय यादव के रूप में हुई है.
उत्तर प्रदेश: भारतीय जनता पार्टी के नेता ब्रह्म दत्त हत्याकांड के आरोपी संजीव जीवा की लखनऊ सिविल कोर्ट में गोली मारकर हत्या की गई। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
(नोट: वीडियो में अपश्बदों का इस्तेमाल हुआ है।) pic.twitter.com/RcYZ6jDxis
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 7, 2023
कौन है संजीव जीवा (Who is Sanjeev Jeeva)
संजीव जीवा पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला था. उसका कनेक्शन मुख्तार अंसारी के साथ है. वह मुख्तार का शूटर रहा है. इसका नाम चर्चित कृष्णानंद राय हत्याकांड में भी सामने आया था. संजीव फिलहाल लखनऊ की जेल में बंद था. संजीव जीवा का नाम 10 फरवरी 1997 को हुई बीजेपी नेता ब्रम्ह दत्त द्विवेदी की हत्या में भी सामने आया था. इस हत्याकांड में जीवा को उम्रकैद की सजा हुई थी. मुख्तार अंसारी को नए-नए हथियारों का शौक था. संजीव जीवा अपने तिकड़म से इन हथियारों को जुगाड़ने में माहिर था.
संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा पर दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए थे, इनमें से 17 मामलों में संजीव बरी हो चुका था, जबकि उसकी गैंग में 35 से ज्यादा सदस्य हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 07, 2023 05:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

