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COVID-19: मुंबई में कोरोना से दो मरीजों की मौत; नए वेरिएंट पर होगा वैक्सीन का असर? इन लक्षणों पर रखें नजर

कोविड-19 ने एक बार फिर दस्तक दी है. लगभग तीन वर्षों की शांति के बाद यह वायरस फिर से सक्रिय हो गया है, और अब भारत में भी इसके मामले बढ़ने लगे हैं. हाल ही में मुंबई में दो कोविड पॉजिटिव मरीजों की मौत ने चिंता बढ़ा दी है.

COVID-19: मुंबई में कोरोना से दो मरीजों की मौत; नए वेरिएंट पर होगा वैक्सीन का असर? इन लक्षणों पर रखें नजर
Representational Image | Pixabay

मुंबई: कोविड-19 ने एक बार फिर दस्तक दी है. लगभग तीन वर्षों की शांति के बाद यह वायरस फिर से सक्रिय हो गया है, और अब भारत में भी इसके मामले बढ़ने लगे हैं. हाल ही में मुंबई में दो कोविड पॉजिटिव मरीजों की मौत ने चिंता बढ़ा दी है. हालांकि दोनों मरीज पहले से गंभीर बीमारियों (Comorbidities) से ग्रसित थे, फिर भी यह घटनाएं एक चेतावनी की तरह हैं. दरअसल मुंबई में पिछले सप्ताह दो कोविड मरीजों की मौत हुई. इनमें से एक 14 वर्षीय किशोर था जिसे नेफ्रोटिक सिंड्रोम के कारण किडनी फेलियर था, जबकि दूसरा 54 वर्षीय कैंसर मरीज था.

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बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने स्पष्ट किया कि दोनों की मौत कोविड के कारण नहीं बल्कि उनकी गंभीर मौजूदा बीमारियों और कमजोर इम्युनिटी की वजह से हुई.

कोविड का नया रूप कितना खतरनाक?

सिंगापुर और हांगकांग में तेजी से फैल रहे नए वैरिएंट अब भारत में भी देखे जा रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ये नए वैरिएंट LF.7 और NB.1.8 हैं, जो JN.1 वैरिएंट के वंशज हैं. सिंगापुर में 2/3 से अधिक मामलों में यही वैरिएंट पाए जा रहे हैं.

लक्षण क्या हैं?

कोविड-19 के नए वैरिएंट से संक्रमित लोगों में जो लक्षण सामने आ रहे हैं, वे अब तक हल्के माने जा रहे हैं, लेकिन फिर भी सतर्क रहना जरूरी है. इन लक्षणों में खांसी, गले में खराश, मतली और उल्टी, ब्रेन फॉग यानी सोचने-समझने की क्षमता का धुंधला होना, और आंखों में जलन या कंजक्टिवाइटिस शामिल हैं. हालांकि ये लक्षण गंभीर नहीं हैं, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को ये समस्याएं लगातार महसूस हों तो चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए.

वैक्सीन अब भी है सबसे बड़ा हथियार

विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन अब भी गंभीर बीमारी से बचाव में कारगर है. खासतौर पर बुजुर्ग, कमजोर इम्युनिटी वाले मरीजों और पहले से बीमार लोगों को बूस्टर डोज लेने की सलाह दी गई है.

अचानक से क्यों बढ़ रहे मामले

इस नई लहर की एक प्रमुख वजह कम होती इम्युनिटी है. समय के साथ पहले लिए गए टीकों या संक्रमणों से बनी प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे वायरस को फिर से फैलने का मौका मिल जाता है. हाई रिस्क ग्रुप्स जैसे बुजुर्ग या बीमार लोगों को सबसे ज्यादा खतरा रहता है.

घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें

हालांकि BMC और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल कोविड एक एंडेमिक स्तर पर है, यानी यह स्थान विशेष में बना रहेगा लेकिन महामारी जैसी स्थिति नहीं है. फिर भी, हम सभी को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की जरूरत है ताकि वायरस को दोबारा फैलने से रोका जा सके.

सावधानी ही सुरक्षा है. वैक्सीन लगवाएं, मास्क पहनें और खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें.

(The above story first appeared on LatestLY on May 20, 2025 05:03 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).