Mumbai Local Train: मुंबई लोकल ट्रेन बंद, मोटरमैन और कर्मचारियों की हड़ताल से यात्रियों की बढ़ी परेशानी
मायानगरी में शाम का समय लोगों के ऑफिस से घर लौटने का होता है. ऐसे में हड़ताल की वजह से हजारों लोग स्टेशन पर ही फंस गए. कई यात्री ट्रैक पर उतरकर नाराज़गी जताने लगे. बच्चे, महिलाएं और बुजुर्गों के लिए हालात और भी मुश्किल बने हुए हैं.
Mumbai Local Train: मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें बुधवार शाम अचानक रुक गईं, जिससे शहर की रफ्तार थम-सी गई. सेंट्रल रेलवे (Central Railway) के कर्मचारी और मोटरमैन द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से कल्याण की ओर जाने वाली सभी ट्रेनों की सेवाएं रोक दी गईं. शाम 5:40 बजे से कोई भी लोकल ट्रेन आगे नहीं बढ़ पाई और देखते ही देखते प्लेटफॉर्म यात्रियों से खचाखच भर गए.
पीक आवर में अचानक हड़ताल, यात्रियों में अफरा-तफरी
मायानगरी में शाम का समय लोगों के ऑफिस से घर लौटने का होता है. ऐसे में हड़ताल की वजह से हजारों लोग स्टेशन पर ही फंस गए. कई यात्री ट्रैक पर उतरकर नाराज़गी जताने लगे. बच्चे, महिलाएं और बुजुर्गों के लिए हालात और भी मुश्किल बने हुए हैं. लोगों के लिए न तो कोई वैकल्पिक व्यवस्था है और न यह पता कि सेवा कब बहाल होगी.
प्रदर्शन के चलते लोकल सेवा बाधित
#Mumbai के #CSMT स्टेशन पर इंजीनियर और मोटरमैन के प्रदर्शन के चलते लोकल सेवा बाधित..@Central_Railway की लोकल स्टेशन पर ही अटकी..स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर यात्री परेशान..लोकल ट्रैक से जाने को भी यात्री हुए मजबू@TNNavbharat @RailMinIndia @AshwiniVaishnaw pic.twitter.com/mWX7HLxwQV
— Atul singh (@atuljmd123) November 6, 2025
मुंबई लोकल बंद
No Mumbai local trains moving from CSMT since 5.40 pm as railway unions have come out in protest. Some have even got down on tracks. pic.twitter.com/KH6c00zE8Z
— Richa Pinto (@richapintoi) November 6, 2025
मुंब्रा हादसे की जांच को लेकर फूटा गुस्सा
कर्मचारियों का विरोध जून 2025 में हुए एक दर्दनाक हादसे से जुड़ा है. मुम्ब्रा रेलवे स्टेशन के पास लोकल ट्रेन की चपेट में आने से 4 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 9 गंभीर रूप से घायल हुए थे. इस घटना के बाद प्रशासन ने रेलवे विभाग के दो इंजीनियरों पर जिम्मेदारी तय करते हुए केस दर्ज किया और उन पर स्पॉट मार्क लगाया.
रेलवे कर्मचारी इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि सुरक्षा-प्रबंधन की कमियों के बावजूद जिम्मेदारी सिर्फ कर्मचारियों पर डालना गलत है.
लोकल ट्रेनें रुक जाने से मेट्रो और सड़क मार्ग पर भी भारी दबाव बढ़ गया है. ऑटो, टैक्सी और बसों के किराए आसमान छू रहे हैं. यात्री आग-बबूला हैं, “अगर रेलवे कर्मचारियों की परेशानी है तो समाधान के जरिए बात करें, हम यात्रियों को सज़ा क्यों मिल रही है?”
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 06, 2025 08:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

