Mumbai Traffic Row: मुंबई में मंत्री गिरीश महाजन से भिड़ने वाली महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज, वर्ली इलाके में ट्रैफिक जाम को लेकर हुआ था विवाद; VIDEO
मुंबई के वर्ली में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर बीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान लगे ट्रैफिक जाम को लेकर मंत्री गिरीश महाजन से उलझने वाली महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. यह शिकायत अधिवक्ता गुणरत्न सदावर्ते की बेटी ज़ेन सदावर्ते ने दर्ज कराई है.
मुंबई, 24 अप्रैल 2026. मुंबई के वर्ली इलाके में महिला आरक्षण विधेयक (Women's Reservation Bill) के समर्थन में आयोजित एक विरोध मार्च के दौरान भारी ट्रैफिक जाम लग गया था. इस दौरान एक महिला द्वारा महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन को सार्वजनिक रूप से टोकने और पुलिस के साथ बहस करने का मामला अब कानूनी रूप ले चुका है. अधिवक्ता गुणरत्न सदावर्ते की बेटी ज़ेन सदावर्ते ने इस महिला के खिलाफ वर्ली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है.
ज़ेन सदावर्ते ने दर्ज कराई शिकायत
ज़ेन सदावर्ते ने गुरुवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए महिला के व्यवहार की कड़ी आलोचना की. ज़ेन का आरोप है कि महिला ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया और मंत्री गिरीश महाजन के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया. मीडिया से बात करते हुए ज़ेन ने कहा कि लोक सेवकों और पुलिस अधिकारियों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस मामले में जल्द से जल्द प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए. Traffic Jam On Mumbai Pune Expressway: 32 घंटे बाद बहाल हुआ मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे फिर जाम, 10 किमी लंबी गाड़ियों की कतार; जानिए मौजूदा हालात
महिला के खिलाफ शिकायत दर्ज
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद सोमवार को उस समय शुरू हुआ जब भाजपा द्वारा वर्ली डोम की ओर एक विरोध मार्च निकाला जा रहा था. यह मार्च संसद में महिला आरक्षण विधेयक के पारित न होने के विरोध में आयोजित किया गया था. रैली में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने के कारण वर्ली और आसपास की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे सैकड़ों वाहन चालक घंटों फंसे रहे.
इसी दौरान एक महिला अपनी कार से बाहर निकली और सीधे मंत्री गिरीश महाजन के पास पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में महिला को यह कहते सुना जा सकता है, "आपको जो कहना है खाली मैदान में जाकर कहें, यहां से हटें और ट्रैफिक न रोकें. यहां सैकड़ों लोग इंतजार कर रहे हैं."
पुलिस के साथ बहस और दुर्व्यवहार का आरोप
वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि महिला काफी गुस्से में थी और वह चिल्लाकर विरोध प्रदर्शन को सड़क से हटाने की मांग कर रही थी. रिपोर्ट्स के अनुसार, महिला ने कथित तौर पर पानी की बोतलें फेंकी और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस भी की, जो उसे मौके से हटाने की कोशिश कर रहे थे.
पृष्ठभूमि: क्यों हो रहा था विरोध प्रदर्शन?
यह विरोध प्रदर्शन संविधान (131वां संशोधन) विधेयक से संबंधित था, जो इसी महीने संसद में पारित नहीं हो सका. हालांकि 298 सांसदों ने इसके पक्ष में और 230 ने विपक्ष में मतदान किया था, लेकिन संवैधानिक संशोधन के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण विधेयक गिर गया. इसी के विरोध में भाजपा ने मुंबई में यह रैली आयोजित की थी.
कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है. कुछ लोग आम जनता को होने वाली असुविधा के लिए महिला के साहस का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि अपनी बात रखने का तरीका मर्यादित होना चाहिए था. वर्ली पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है और सीसीटीवी फुटेज व वायरल वीडियो की जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की बात कही है.