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Tamil Nadu Shoker: चेन्नई तट पर मिले 1,000 से ज्यादा मृत ओलिव रिडले कछुए, मछली पकड़ने के जाल बने मुख्य कारण; VIDEO

तमिलनाडु के चेन्नई तट पर पिछले एक महीने में 1,000 से ज्यादा ओलिव रिडले कछुए मृत पाए गए हैं, जिससे वन्यजीव संरक्षणकर्मियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल है.

Tamil Nadu Shoker: चेन्नई तट पर मिले 1,000 से ज्यादा मृत ओलिव रिडले कछुए, मछली पकड़ने के जाल बने मुख्य कारण; VIDEO
Photo- X/@snehamordani

Tamil Nadu Shoker: तमिलनाडु के चेन्नई तट पर पिछले एक महीने में 1,000 से ज्यादा ओलिव रिडले कछुए मृत पाए गए हैं, जिससे वन्यजीव संरक्षणकर्मियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं में चिंता का माहौल है. India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, इन कछुओं की मौत का मुख्य कारण अवैध मछली पकड़ने की गतिविधियां बताई जा रही हैं. ओलिव रिडले कछुआ, जो भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति है. समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है.

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो ओलिव रिडले कछुए की स्थिति और भी खराब हो सकती है. मछली पकड़ने के नियमों का सख्ती से पालन करना और जागरूकता फैलाना अत्यंत आवश्यक है.

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चेन्नई तट पर मिले 1,000 से ज्यादा मृत ओलिव रिडले कछुए

कछुए की भूमिका और महत्व

ओलिव रिडले कछुए हर साल हजारों किलोमीटर की यात्रा करते हैं और तमिलनाडु के तट पर अंडे देने आते हैं. इनकी संख्या में कमी समुद्र के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है. हालांकि, संरक्षण प्रयासों के तहत इनकी देखभाल की जाती है, लेकिन फिर भी अंडों से केवल कुछ ही कछुए परिपक्व होकर समुद्र में वापस जाते हैं.

दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं

इस बार की घटनाएं पहले से कहीं ज्यादा गंभीर हैं। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि मृत पाए गए कछुए केवल 10 प्रतिशत मृतकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। लगभग 5,000 कछुए समुद्र में मारे गए हो सकते हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि कछुओं की मौत पानी में डूबने के कारण हुई है।

मछली पकड़ने के अवैध तरीके

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रॉलर, जो 8 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर मछली पकड़ने के लिए निर्धारित हैं, वे तट के 2-3 किलोमीटर के भीतर मछली पकड़ रहे हैं. इसके परिणामस्वरूप, ट्रॉल्स और गिल नेट्स में फंसकर कछुए डूबकर मर जाते हैं. इन अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की आवश्यकता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 27, 2025 04:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).