MMRDA का रिकॉर्ड बजट: सुरक्षा की चुनौतियों को पार कर बदलती मुंबई की तस्वीर
विवरण मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने हाल ही में अपना पहला अधिशेष बजट पेश किया है, जिसमें मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई है। हालांकि, मुलुंड में हुए एक दुखद मेट्रो हादसे ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसके बाद प्राधिकरण ने कड़ी कार्रवाई की है। यह लेख एमएमआरडीए की हालिया गतिविधियों, वित्तीय योजनाओं और सामने आ रही चुनौतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹48,072 करोड़ का एक महत्वाकांक्षी बजट अनुमोदित किया है, जो 2017-18 के बाद इसका पहला अधिशेष बजट है. इस बजट में मुंबई और उसके आसपास के क्षेत्रों में व्यापक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, शहरी विकास और सामाजिक कल्याण पर विशेष जोर दिया गया है. हालांकि, इस वित्तीय उपलब्धि के साथ ही, मुलुंड में मेट्रो निर्माण स्थल पर हुए एक दुखद हादसे ने प्राधिकरण के सामने सुरक्षा मानकों और परियोजना कार्यान्वयन की चुनौतियों को उजागर किया है.
उपलब्धियों और महत्वाकांक्षी योजनाओं का बजट
16 फरवरी, 2026 को अनुमोदित एमएमआरडीए का ₹48,072 करोड़ का बजट, ₹17 लाख के मामूली अधिशेष के साथ, वित्तीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतीक है. प्राधिकरण को भूमि मुद्रीकरण के माध्यम से लगभग ₹11,000 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है, जिसका उपयोग पूंजी-गहन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा. बजट में 'मुंबई 3.0' पहल के तहत रायगढ़ जिले के पनवेल, उरण और पेन तालुकों के 124 गांवों को कवर करते हुए 323.44 वर्ग किमी के विकास के लिए ₹4,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं. मेट्रो परियोजनाओं के लिए ₹13,838.88 करोड़ का बड़ा आवंटन किया गया है, जिसमें विभिन्न लाइनों जैसे 2ए, 2बी, 4, 4ए और 5 का विस्तार शामिल है. इसके अतिरिक्त, मल्टी-रिंग रोड परियोजनाओं के लिए ₹12,816.53 करोड़ और पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए भूमिगत सुरंगों पर ₹5,543.51 करोड़ खर्च किए जाएंगे. सामाजिक बुनियादी ढांचे के तहत, झुग्गी पुनर्वास और आवास परियोजनाओं के लिए ₹731.33 करोड़, जल आपूर्ति के लिए ₹980.87 करोड़ और हरित बुनियादी ढांचे के लिए ₹250 करोड़ का प्रावधान किया गया है.
सुरक्षा पर सवाल: मुलुंड मेट्रो हादसा
15 फरवरी, 2026 को मुलुंड में निर्माणाधीन मेट्रो लाइन 4 के एक हिस्से के ढह जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए, जिसने एमएमआरडीए की परियोजनाओं में सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना के बाद, एमएमआरडीए ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठेकेदार कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर-एस्टाल्डी (आरएजेवी) और उसके उप-ठेकेदार मिलान रोड बिल्डटेक एलएलपी पर ₹5 करोड़ का जुर्माना लगाया. परियोजना से जुड़े जनरल कंसल्टेंट कंसोर्टियम पर भी ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है. पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मिलान रोड बिल्डटेक और हिल इंटरनेशनल इंकॉर्पोरेशन के अधिकारी शामिल हैं. एमएमआरडीए ने कार्यकारी अभियंता सत्यजीत साल्वे सहित तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने क्षेत्र में एमएमआरडीए की सभी चल रही परियोजनाओं का संरचनात्मक और सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया है, साथ ही मृतक के परिवार को ₹15 लाख का मुआवजा और घायलों के इलाज का खर्च उठाने का आश्वासन दिया है.
क्षेत्रीय विकास में एमएमआरडीए की भूमिका
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) की स्थापना जनवरी 1975 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में बुनियादी ढांचे के विकास के प्राथमिक उद्देश्य के साथ की गई थी. यह भारत के सबसे धनी राज्य-स्वामित्व वाले संगठनों में से एक है, जिसका नेतृत्व महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री करते हैं