Mizoram Power Tariffs: मिज़ोरम के CM लालदुहोमा का बड़ा फैसला, अगले 5 वर्षों तक बिजली दरों में नहीं होगी बढ़ोतरी
मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों तक बिजली दरें न बढ़ाने का फैसला किया है. यह निर्णय सभी के लिए किफायती ऊर्जा सुनिश्चित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
Mizoram Power Tariffs: मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों तक बिजली दरें न बढ़ाने का फैसला किया है. यह निर्णय सभी के लिए किफायती ऊर्जा सुनिश्चित करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. थेनजावल में 10 मेगावाट क्षमता वाले सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला व्यापक जनहित में लिया गया है, जिससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलेगा.
फैसले से घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत
उन्होंने कहा कि इस कदम से घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, सतत आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिलेगा और पूरे राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा. 10 मेगावाट क्षमता वाला थेनजावल सोलर पावर प्रोजेक्ट नाबार्ड के वित्तीय सहयोग से 74.82 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किया गया है. यह भी पढ़े: VIDEO: कमरे का किराया ₹1.20 लाख, बिजली का बिल ₹15000; क्या सच में Gurugram में रहना इतना महंगा है?
मुख्यमंत्री ने बताया कि आइजोल जिले के सुमसुईह में प्रस्तावित 5 मेगावाट के सोलर पार्क पर काम शुरू हो चुका है और इसके शीघ्र पूरा होने की उम्मीद है. इसके अलावा राज्य में कई अन्य सोलर पार्क भी प्रस्तावित हैं, जिनमें केइफांग (10 मेगावाट), सेरछिप के तुमतुइतलांग (10 मेगावाट), बॉकमुअल-ह्मुनह्मेलथा (10 मेगावाट पी), ह्नाथियाल के डेनलुंग राम (10 मेगावाट पी), लालेन के त्लाबुंग त्लांग (6 मेगावाट पी) और लामजावल के दावहजौ जौ (20 मेगावाट पी) शामिल हैं.
लालदुहोमा ने यह भी घोषणा की कि 676 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 24 मेगावाट की तुइरिनी जलविद्युत परियोजना का शिलान्यास निकट भविष्य में किया जाएगा. साथ ही 132 मेगावाट की तुइवाई जलविद्युत परियोजना की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है. इसके पूरा होने के बाद मिजोरम के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता काफी हद तक बढ़ने की उम्मीद है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिक रखरखाव लागत के कारण सात पुरानी जलविद्युत परियोजनाओं को आउटसोर्स करने का प्रस्ताव है, जिसमें कई कंपनियों ने रुचि दिखाई है.
शासन सुधारों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि अगस्त से पूरे मिजोरम में ऑनलाइन बिजली बिल भुगतान की सुविधा शुरू कर दी गई है. राज्य सरकार नियमित रूप से बकाया बिजली देनदारियों का भुगतान कर रही है, जिससे वह छूट (रिबेट) की पात्र बनी है। दिसंबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच 6.57 करोड़ रुपये की छूट प्राप्त की गई है.
मुख्यमंत्री का दावा
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मिजोरम की वित्तीय स्थिति लगातार बेहतर हो रही है. हालांकि इसके परिणाम दिखने में समय लग सकता है, लेकिन राज्य की राजकोषीय स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक ने मिजोरम को अपेक्षाकृत मजबूत वित्तीय स्थिति वाले छोटे राज्यों में शामिल किया है.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिजली मंत्री एफ. रोडिंगलियाना ने कहा कि मिजोरम में बिजली की वार्षिक मांग लगभग 7.6 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है और पीक डिमांड 160 मेगावाट तक पहुंच चुकी है.
उन्होंने बताया कि बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार कई रणनीतियों पर काम कर रही है, जिनमें वानकल सोलर प्लांट से जुड़ी पंप स्टोरेज पावर परियोजना, 132 मेगावाट की तुइवाई परियोजना को तेज करना और 24 मेगावाट की तुइरिनी जलविद्युत परियोजना को आगे बढ़ाना शामिल है.
बिजली मंत्री ने कहा कि सात जलविद्युत परियोजनाओं को आउटसोर्स करने से राज्य को दीर्घकालिक लाभ होगा और उन्होंने जनता से इस पहल के फायदों को समझने की अपील की.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 20, 2025 11:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

