Middle East Conflict: पश्चिम एशिया तनाव के बीच PM मोदी ने की हाई-लेवल बैठक, तेल-गैस सप्लाई पर बड़ा रिव्यू

बैठक में अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को देश में ईंधन की उपलब्धता और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. सूत्रों के अनुसार, सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और संभावित जोखिमों से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रही है.

Middle East Conflict Update: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में है. वैश्विक स्तर पर तेल और गैस सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को एक हाई-लेवल बैठक की अध्यक्षता की. इस अहम बैठक में पेट्रोलियम, क्रूड ऑयल, गैस, बिजली और उर्वरक सेक्टर की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई. सरकार का मुख्य फोकस देश में ईंधन की निर्बाध सप्लाई बनाए रखना, लॉजिस्टिक्स को स्थिर रखना और वितरण व्यवस्था को मजबूत करना है ताकि आम जनता और उद्योगों पर किसी तरह का असर न पड़े. यह भी पढ़ें: Middle East Conflict: पश्चिम एशिया तनाव के बीच PM नरेंद्र मोदी करेंगे तेल-गैस हालात की समीक्षा, सप्लाई पर सरकार की कड़ी नजर

बैठक में अधिकारियों ने प्रधानमंत्री को देश में ईंधन की उपलब्धता और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी. सूत्रों के अनुसार, सरकार अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और संभावित जोखिमों से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रही है.

ऊर्जा सुरक्षा पर खास फोकस

सरकार पर्याप्त भंडार बनाए रखने और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर काम कर रही है. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, ऐसे में यह समीक्षा बैठक बेहद अहम मानी जा रही है.

हॉर्मुज जलडमरूमध्य बना चिंता का कारण

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल-गैस सप्लाई होता है, वहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती है. इसको लेकर सरकार सतर्क है.

ईरान से भी हुई बातचीत

बैठक से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से बातचीत की और क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट्स को सुरक्षित रखने की भी अहमियत बताई.

मिडिल ईस्ट पर निर्भरता कम करने की रणनीति

भारत ने तेल और गैस आयात के स्रोतों में विविधता लाते हुए अमेरिका, रूस और अफ्रीकी देशों जैसे नाइजीरिया से आयात बढ़ाया है. अब देश का करीब 70% तेल आयात खाड़ी देशों के बाहर से हो रहा है.

LPG सप्लाई पर भी नजर

सरकार एलपीजी सप्लाई को लेकर भी सतर्क है और अमेरिका से आयात बढ़ाया गया है. हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल देश में उपभोक्ताओं को सप्लाई में किसी तरह की दिक्कत नहीं है और ऑनलाइन बुकिंग में भी बढ़ोतरी हुई है.

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