मेघालय में बनेगा मेगा फूड पार्क, 65.29 करोड़ रुपये की परियोजना को केंद्र ने दी हरी झंडी
कोरोना वायरस संकट के बीच मेघालय (Meghalaya) के किसानों के लिए अच्छी खबर है. सरकार 65.29 करोड़ रुपये के मेगा फूड पार्क (Mega Food Park Project) का काम जल्द शुरू होने वाला है. मेघालय के लिए मेगा फूड पार्क परियोजना को इंटर-मिनिस्ट्रियल अप्रूवल कमेटी (IMAC) ने हरी झंडी दे है.
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शिलांग: कोरोना वायरस संकट के बीच मेघालय (Meghalaya) के किसानों के लिए अच्छी खबर है. सरकार 65.29 करोड़ रुपये के मेगा फूड पार्क (Mega Food Park Project) का काम जल्द शुरू होने वाला है. मेघालय के लिए मेगा फूड पार्क परियोजना को इंटर-मिनिस्ट्रियल अप्रूवल कमेटी (IMAC) ने हरी झंडी दे है. मुख्यमंत्री कोनराड संगमा (Conrad Sangma) ने ट्विटर पर यह खुशखबरी बताते हुए कहा कि मेगा फूड पार्क राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को आगे ले जाने में बहुत अहम साबित होगा. मेघालय: पहले चरण में 25,000 स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाएगा कोविड-19 का टीका
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायत राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) की ने अध्यक्षता में मंगलवार को हुई IMAC की बैठक में मेघालय मेगा फूड पार्क परियोजना को सहमती दी गई. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (Ministry of Food Processing) कुल 65.26 करोड़ रुपये की मेगा फूड पार्क परियोजना में से 48.43 करोड़ रुपये का अनुदान देगी. NeNow की एक रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय का वार्षिक बजट 8,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से आठ पूर्वोत्तर राज्यों (Northeast States) के लिए 10 फीसदी का उपयोग करना अनिवार्य है.
A Mega Food Park Project worth ₹65.29Cr was in principle approved for #Meghalaya by the Inter-Ministerial Approval Committee. This will go a long way in taking the food processing sector forward in our State. Thank Hon'ble PM @narendramodi Ji & Hon'ble Union Minister @nstomar Ji pic.twitter.com/XwaG1Nkvmk
— Conrad Sangma (@SangmaConrad) November 24, 2020
मेगा फूड पार्क परियोजना के तहत, खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय लगभग 75 प्रतिशत अनुदान देगी और शेष 25 प्रतिशत लागत मेघालय सरकार को देना होगा. उल्लेखनीय है कि मेगा फूड पार्क स्कीम का उद्देश्य किसानों, प्रसंस्करणकर्ताओं तथा खुदरा बिक्रेताओं को एक साथ लाते हुए कृषि उत्पादन को बाजार से जोड़ने के लिए एक तंत्र उपलब्ध कराना है ताकि मूल्यवर्धन को अधिकतम, बर्बादी को न्यूनतम, किसानों की आय में वृद्धि और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसर सृजित करना सुनिश्चित किया जा सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 25, 2020 01:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

