Mayor Reservation Lottery: महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम रहा. राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में अगले ढाई साल के लिए 'महापौर' (Mayor) पद के आरक्षण को लेकर मंत्रालयों में लॉटरी निकाली गई. सबसे अधिक चर्चा में रही बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC), जहां इस बार मेयर का पद सामान्य महिला (General Woman) श्रेणी के लिए आरक्षित किया गया है. नगर विकास राज्यमंत्री माधुरी मिसाळ की उपस्थिति में यह प्रक्रिया रोटेशन पद्धति से पूरी की गई.
मुंबई (BMC): महिलाओं के हाथ में होगी कमान
लॉटरी के परिणामों के अनुसार, देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बीएमसी में अब कोई महिला पार्षद ही मेयर की कुर्सी पर बैठेगी. हाल ही में संपन्न हुए चुनावों में बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि शिवसेना (UBT) ने 65 सीटें जीती हैं. अब सामान्य महिला आरक्षण होने के कारण महायुती और महाविकास अघाड़ी, दोनों ही गुटों में महिला चेहरों को लेकर मंथन तेज हो गया है. यह भी पढ़े: List of Mayors of Mumbai: मुंबई के मेयरों की अब तक की पूरी लिस्ट, जानें 4 साल बाद अब किसे मिलेगी यह कुर्सी
ठाणे, पनवेल और अन्य शहरों का हाल
मंत्रालयों में हुई इस प्रक्रिया में ठाणे, पनवेल, कल्याण-डोंबिवली और पुणे जैसी प्रमुख महानगरपालिकाओं के लिए भी आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो गई है.
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ठाणे और नवी मुंबई: यहां भी 50 प्रतिशत महिला आरक्षण के नियम के तहत नए समीकरण बने हैं.
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पनवेल: नई महानगरपालिका होने के नाते यहां के आरक्षण पर सभी की नजरें थीं, जहां अब सत्ता संघर्ष तेज होने की उम्मीद है.
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15 शहरों में महिला राज: रोटेशन के आधार पर राज्य की कुल 29 में से 15 महानगरपालिकाओं में महापौर का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है.
रोटेशन पद्धति से हुआ फैसला
यह पूरी प्रक्रिया 2011 की जनगणना और रोटेशन (चक्राकार) पद्धति पर आधारित थी. सरकार ने स्पष्ट किया कि जो प्रवर्ग पिछली बार आरक्षित था, उसे इस बार प्राथमिकता नहीं दी गई ताकि सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिल सके. पारदर्शिता बनाए रखने के लिए छोटे बच्चों के हाथों से आरक्षण की पर्चियां निकलवाई गईं. अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए भी विशिष्ट शहरों में आरक्षण तय किया गया है.
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव
आरक्षण स्पष्ट होने के बाद अब सत्ता स्थापना की जोड़-तोड़ शुरू हो गई है. विशेष रूप से बीएमसी में, जहां किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं है, वहां निर्दलीयों और छोटे दलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है. बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने विश्वास जताया है कि मुंबई का अगला मेयर 'महायुती' का ही होगा. वहीं, शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने इस प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखने की बात कही है.













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