लाडली बहनें ध्यान दें! 18 नवंबर तक नहीं किया e-KYC का काम, तो अटक सकती है 1500 रुपये की क़िस्त
Ladki Bahin Yojana e-KYC: महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना की सभी लाभार्थियों के लिए 18 नवंबर 2025 तक ई-केवाईसी करना अनिवार्य किया है. तय समय पर ई-केवाईसी नहीं कराने पर 1500 रुपये का मासिक लाभ बंद कर दिया जाएगा.
महाराष्ट्र सरकार की बहुचर्चित मुख्यमंत्री ‘माझी लाडकी बहिन योजना’ (Majhi Ladki Bahin Yojana e-KYC) से जुड़ी महिलाओं के लिए एक अहम सूचना सामने आई है. राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने घोषणा की है, कि इस योजना के सभी लाभार्थियों को 18 नवंबर 2025 तक अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी. यह कदम योजना में पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. मंत्री ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के बाद जिन महिलाओं की ई-केवाईसी पूरी नहीं होगी, उन्हें योजना के तहत मिलने वाला 1500 रुपये मासिक लाभ बंद कर दिया जाएगा.
क्या है मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना?
मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना महाराष्ट्र सरकार की एक प्रमुख सामाजिक कल्याण योजना है, जिसकी शुरुआत उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में की गई थी. इस योजना का उद्देश्य राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी कर सकें. इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है, जिससे वे घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतें पूरी कर सकती हैं. वर्तमान में इस योजना से दो करोड़ से अधिक महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं. हालांकि, हाल ही में यह पाया गया कि कुछ लोगों ने गलत जानकारी देकर योजना का लाभ उठाया है. ऐसे मामलों को रोकने और योजना में पारदर्शिता लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने ई-केवाईसी प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है, ताकि केवल वास्तविक और पात्र महिलाओं को ही योजना का लाभ मिल सके.
ई-केवाईसी क्यों है जरूरी?
मंत्री अदिती तटकरे ने बताया कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना में ई-केवाईसी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, ताकि योजना का लाभ सही पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे. उन्होंने कहा कि हाल ही में की गई जांच में कई लाभार्थियों के रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं - जैसे गलत आधार नंबर, बैंक खातों में नाम की असमानता, और पात्रता से बाहर होने के बावजूद योजना का लाभ लेना. इन त्रुटियों को दूर करने के लिए सरकार ने अब आधार आधारित ऑनलाइन सत्यापन प्रणाली (ई-केवाईसी) लागू की है. इस प्रणाली के तहत लाभार्थियों की जानकारी सीधे यूआईडीएआई (UIDAI) डेटाबेस से सत्यापित की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि योजना का पैसा वास्तव में योग्य और जरूरतमंद महिलाओं तक ही पहुँचे.
ई-केवाईसी कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया)
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट ladakibahin.maharashtra.gov.in पर जाएं.
- अपने मोबाइल नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें.
- अब ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना अर्ज’ (Application) विकल्प चुनें.
- आधार नंबर दर्ज करें और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें.
- सबमिट करने के बाद आपको पुष्टि संदेश प्राप्त होगा.
सरकार ने बताया है कि अधिकांश महिलाओं ने ई-केवाईसी पूरी कर ली है, लेकिन जो महिलाएं अभी बाकी हैं, उन्हें 18 नवंबर 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
पात्रता और अपात्रता के नियम
सरकार ने मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत ई-केवाईसी प्रक्रिया के साथ कुछ सख्त पात्रता शर्तें भी लागू की हैं, ताकि केवल वास्तविक और जरूरतमंद महिलाएं ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकें. योजना के अनुसार, लाभार्थी महिला की आयु 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. साथ ही, यह आवश्यक है कि महिला सरकारी कर्मचारी या करदाता न हो और उसके परिवार के पास चारपहिया वाहन न हो. इसके अलावा, आवेदन फॉर्म और बैंक खाते में नाम पूरी तरह से मेल खाना जरूरी है, अन्यथा आवेदन अस्वीकृत किया जा सकता है.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो महिलाएं पहले से अन्य सरकारी योजनाओं जैसे दिव्यांग योजना या नमो योजना से लाभ प्राप्त कर रही हैं, उन्हें मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत 1500 रुपये का मासिक भुगतान नहीं मिलेगा. इन सभी नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना की सहायता केवल उन्हीं महिलाओं तक पहुँचे, जो वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र हैं.
सरकार का सख्त लेकिन पारदर्शी रुख
मंत्री अदिती तटकरे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार का उद्देश्य किसी भी महिला को परेशान करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना का लाभ सही और पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे. उन्होंने बताया कि सरकार इस योजना को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है. इसी के तहत आंगनवाड़ी सेविकाएं घर-घर जाकर लाभार्थियों की जांच कर रही हैं, ताकि जिन महिलाओं ने गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लिया है, उनकी पहचान की जा सके.
मंत्री ने आश्वासन दिया कि जो महिलाएं वास्तव में पात्र हैं और जिन्होंने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर ली है, उन्हें योजना के तहत हर महीने 1500 रुपये की राशि नियमित रूप से मिलती रहेगी. सरकार का मकसद केवल इतना है कि योजना की सहायता उन महिलाओं तक पहुँचे, जिन्हें इसकी वास्तव में आवश्यकता है.
अगर ई-केवाईसी नहीं किया तो क्या होगा?
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जो महिलाएं 18 नवंबर 2025 तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगी, उन्हें अगले महीने से मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना के तहत मिलने वाला 1500 रुपये का मासिक लाभ बंद कर दिया जाएगा. सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि जिन महिलाओं के दस्तावेजों में किसी प्रकार की अंतर या गलत जानकारी पाई जाएगी - जैसे नाम, आधार या बैंक विवरण में गड़बड़ी तब उन्हें योजना से स्वतः बाहर कर दिया जाएगा. इस कदम का उद्देश्य योजना को पारदर्शी बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक सहायता केवल उन्हीं महिलाओं तक पहुँचे, जो वास्तव में पात्र और जरूरतमंद हैं.
इसलिए, यदि आप मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना की लाभार्थी हैं, तो यह आपके लिए बेहद जरूरी है कि आप 18 नवंबर 2025 से पहले अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 30, 2025 10:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

