Mahatma Jyotirao Phule Birth Anniversary 2026: महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती, PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- 'उनका जीवन आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. इस अवसर पर पीएम मोदी ने एक लेख लिखकर उनके विचारों को समाज के लिए प्रेरणापुंज बताया है.

(Photo Credits: IANS/Facebook)

Mahatma Jyotirao Phule Birth Anniversary 2026: आज, 11 अप्रैल 2026 को महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के अवसर पर देश उन्हें याद कर रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें 'दूरदर्शी समाज सुधारक' बताते हुए श्रद्धांजलि दी। इस वर्ष महात्मा फुले की 200वीं जयंती का विशेष महत्व है, जिसके साथ ही उनके द्विशताब्दी वर्ष समारोहों का शुभारंभ भी हो रहा है.

प्रधानमंत्री के विचार: समानता और शिक्षा के प्रतीक

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर, मैं उस दूरदर्शी समाज सुधारक को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के मूल्यों के प्रति समर्पित कर दिया. यह भी पढ़े:  Mahatma Jyotirao Phule Jan Arogya Yojana: महाराष्ट्र की शिंदे सरकार का गरीबों को तोहफा, इलाज के लिए अब देड की जगह मिलेगा 5 लाख का बीमा

पीएम मोदी ने अपने लेख में प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

संसद में पुष्पांजलि अर्पित

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर स्थित 'प्रेरणा स्थल' पर महात्मा ज्योतिराव फुले को पुष्पांजलि अर्पित की। इनके अलावा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने भी महान समाज सुधारक को नमन किया।

महात्मा फुले का योगदान

11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के सतारा में जन्मे महात्मा ज्योतिराव फुले ने जाति व्यवस्था को मिटाने और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में अतुलनीय कार्य किया. उन्होंने और उनकी पत्नी सावित्रीबाई फुले ने समाज के वंचित वर्गों के लिए शिक्षा के द्वार खोले. उनके द्वारा स्थापित 'सत्यशोधक समाज' (सत्य की खोज करने वाला समाज) ने किसानों और पिछड़ों के अधिकारों के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी।

पीएम मोदी ने अपने लेख में यह भी कहा कि आज की युवा पीढ़ी को उनके नैतिक साहस और समाज के प्रति अटूट समर्पण से प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके विचार राष्ट्र निर्माण में आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे.

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