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लॉकडाउन से आम का कारोबार चौपट, ग्राहकों की कमी से आधा स्टॉक बिकना भी हुआ मुश्किल

देशव्यापी लॉकडाउन को लेकर पुणे के आम के व्यापारी, बलराज भोंसले कहते हैं कि गोडाउन में समय आधे से ज्यादा आम के स्टॉक पड़े हुए हैं. लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते बाजारों में आदमी नहीं हैं. जिसके चलते वे इन आमों को बेच नहीं सकते हैं.

लॉकडाउन से आम का कारोबार चौपट, ग्राहकों की कमी से आधा स्टॉक बिकना भी हुआ मुश्किल
आम के व्यापारी, बलराज भोंसले (Photo Credits ANI)

मुंबई: कोरोना वायरस (Coronavirus) का असर पूरे देश में देखा जा रहा है. इसका असर खाने- पीने की चीजों पर तो पड़ ही रहा है. इसके साथ ही बाजार में बड़े पैमाने पर कोई सामान आ आने पर उसे बेचने में दिक्कत हो रही है. क्योंकि बाजार में ग्राहक ही नहीं है. कुछ इसी तरह गर्मी के मौसम में आम जो हर कोई को पसंद हैं. लेकिन इस बार कोरोनावायरस के चलते देशव्यापी लॉकडाउन के की घोषणा से ट्रासपोर्ट की सेवा पूरी तरह से ठप हैं. ऐसे में मार्केट में तो आम (Mango) आ गए हैं. लेकिन बाजार में ग्राहक नहीं होने और ट्रांसपोर्ट बंद होने के चलते आम के कारोबार पर बड़ा असर पड़ा है.

देशव्यापी लॉकडाउन को लेकर पुणे के आम के व्यापारी, बलराज भोंसले (Balraj Bhosle) कहते हैं कि गोडाउन में आधे से ज्यादा आम के स्टॉक पड़े हुए हैं. लेकिन कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते बाजारों में आदमी नहीं हैं. जिसके चलते वे इन आमों को बेच नहीं सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि लॉकडाउन के चलते ट्रासपोर्ट बंद हैं. इसलिए आमों को वे कहीं भेज भी नहीं पा रहे हैं. यह भी पढ़े: Coronavirus Lockdown: दिल्ली में लॉकडाउन बना थोक विक्रेताओं के लिए परेशानी का सबब, गाजीपुर सब्जी मंडी में नहीं आ रहे ग्राहक

लॉकडाउन का असर आम के कारोबार पर:

बता दें कि आम के मौसम में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से आम हर जगह सप्लाई होता है. वाशी या दूसरे मंडी में जहां ग्राहक खुद जाकर आमों को खरीदते हैं. वहीं यहां से देश विदेश भी आम भेजे जाते हैं. लेकिन 21 अप्रैल तक देशव्यापी और फिर  राज्यव्यापी में  महाराष्ट्र में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन और बढ़ने से इन व्यपारियों की चिंता बढ़ा दी हैं कि वे बचे हुए आमों को कैसे बेचे.

 

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2020 04:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).